गेहूं खरीदी: किसानों की परेशानी खत्म करने के लिए शिवराज सिंह चौहान का सख्त फरमान
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी सीजन में गेहूं उपार्जन को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विदिशा संसदीय क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों के जनप्रतिनिधियों और जिला कलेक्टरों से चर्चा करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।

कागजों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए व्यवस्था शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि गेहूं खरीदी महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। रिपोर्ट और कागजों से परे, जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होनी चाहिए।

छांव-पानी और तौल कांटों पर जोर मंत्री ने निर्देश दिए कि हर खरीदी केंद्र पर किसानों के बैठने के लिए छांव, पीने का पानी और तौल कांटों की पर्याप्त व्यवस्था हो। उन्होंने चेताया कि बारदाने की कमी या समय पर तौल न होने जैसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी तरह की कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तकनीक बाधा नहीं, सुविधा बने बैठक में स्लॉट बुकिंग और सर्वर की धीमी गति का मुद्दा प्रमुखता से उठा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तकनीक किसानों की सुविधा के लिए है, न कि उन्हें परेशान करने के लिए। उन्होंने अधिकारियों को सर्वर की क्षमता बढ़ाने और जिन किसानों की स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है, उनका सत्यापन प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए ताकि किसी को बार-बार केंद्रों के चक्कर न काटने पड़ें।

जनप्रतिनिधि और प्रशासन का समन्वय जरूरी मंत्री ने स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खरीदी की मात्रा प्रभावित न हो और किसान अपनी उपज बेचकर संतुष्ट होकर घर लौटे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। बारदाने या अतिरिक्त केंद्रों की आवश्यकता पड़ने पर वे खुद शासन स्तर पर चर्चा करेंगे।

खरीदी की समय-सीमा बढ़ सकती है किसानों के हित में निर्णय लेते हुए शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिए कि यदि आवश्यकता हुई तो खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा, अतिरिक्त केंद्र खोलने और अवकाश के दिनों में भी खरीद जारी रखने जैसे विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

जरूरत पड़ी तो खुद करेंगे दौरा केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे इस विषय पर राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो वे खुद विदिशा क्षेत्र के खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। उनका लक्ष्य है कि मेहनत करने वाला किसान खुद को परेशान नहीं, बल्कि सम्मानित महसूस करे।

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