चीन की चाल पर भारी पड़ी भारत की रेल कूटनीति , श्रीलंका में फिर दौड़ा भरोसा
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नई दिल्ली: हिंद महासागर में चीन की घेराबंदी (स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स) को नाकाम करते हुए भारत ने एक बार फिर अपनी पड़ोसी पहले (Neighbourhood First) नीति का लोहा मनवाया है। चक्रवात दितवाह से तबाह हुई श्रीलंका की लाइफलाइन को भारत ने न केवल बहाल किया है, बल्कि चीन के प्रभाव वाले इस द्वीपीय देश में भरोसे का नया अध्याय लिखा है।

युद्धस्तर पर बहाली और आधुनिक ट्रैक श्रीलंका की नॉर्दर्न रेलवे लाइन का बड़ा हिस्सा चक्रवात की भेंट चढ़ गया था। भारत की सरकारी कंपनी IRCON इंटरनेशनल लिमिटेड ने बेहद कम समय में इसे न केवल दुरुस्त किया, बल्कि तीन नए बेली पुलों का निर्माण भी किया। महावा जंक्शन से ओमानथाई को जोड़ने वाले इस 370 किमी लंबे ट्रैक को आधुनिक बनाया गया है, जिस पर अब ट्रेनें 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।

हाथियों की सुरक्षा का खास ख्याल इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता है। ट्रैक पर कई जगह सुरंगें और पुल बनाए गए हैं, ताकि वहां के हाथियों को कोई नुकसान न पहुंचे। इसे भारतीय विशेषज्ञता और तकनीक के साथ रिकॉर्ड समय में सिंहल और तमिल नव वर्ष से पहले ही पूरा कर लिया गया।

चीन के कर्ज के जाल बनाम भारत का साथ चीन ने हंबनटोटा बंदरगाह और कोलंबो पोर्ट सिटी जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में 12 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर श्रीलंका को कर्ज के जाल में फंसा रखा है। इसके विपरीत, भारत ने चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण के लिए 450 मिलियन डॉलर का पैकेज देकर साबित किया है कि वह नफा-नुकसान से ऊपर उठकर एक भरोसेमंद साझीदार है।

उपराष्ट्रपति का दौरा और ओसीआई कार्ड का तोहफा हाल ही में श्रीलंका दौरे पर गए भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रिश्तों को नई ऊंचाइयां दीं। उन्होंने भारतीय मूल के तमिलों (5वीं और 6वीं पीढ़ी) के लिए ओसीआई (OCI) कार्ड की पात्रता शर्तों में ढील देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, भारतीय आवास परियोजना के तहत 4000 घरों की चाबियां भी सौंपी गईं।

मछुआरों की रिहाई और बढ़ता विश्वास दोनों देशों के बीच बढ़ते सामंजस्य का असर यह रहा कि श्रीलंका ने हाल ही में 19 भारतीय मछुआरों को रिहा किया है। भारत की ओर से अब तक कुल 75 लाख डॉलर से अधिक की सहायता आवास, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल क्षेत्र में की जा चुकी है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी महासागर (MAHASAGAR) विजन के तहत श्रीलंका की स्थिरता और विकास उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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