ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव के केंद्र में अब फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य आ गया है। दोनों देशों के बीच बातचीत की तैयारी चल रही है, लेकिन इस वार्ता से ठीक पहले ईरान की ओपन-शट (खोलने और बंद करने) की नीति ने वैश्विक रसद और तेल आपूर्ति को संकट में डाल दिया है।
ईरान का फैसला और ट्रंप की गलती शुक्रवार, 17 अप्रैल को ईरान ने लेबनान-इजराइल के बीच युद्धविराम का हवाला देते हुए होर्मुज को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने की घोषणा की थी। ईरान ने शर्त रखी थी कि जहाज केवल उन्हीं रास्तों का उपयोग करेंगे जो ईरान द्वारा निर्धारित किए गए हैं। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही यह भी घोषणा कर दी कि ईरान पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक समझौता पूरी तरह लागू नहीं हो जाता। ट्रंप की इसी टिप्पणी को ईरान ने उकसावे के रूप में लिया।
नाकाबंदी के जवाब में फिर बंद हुआ होर्मुज ट्रंप की नाकाबंदी जारी रखने की घोषणा के बाद ईरान ने तुरंत रुख बदल लिया। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने दोटूक कहा कि यदि नाकाबंदी खत्म नहीं हुई, तो जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा। शनिवार को ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने पुष्टि की कि होर्मुज पर नियंत्रण वापस ले लिया गया है और यह अब सशस्त्र बलों के कड़े प्रबंधन में है।
गोलीबारी की चपेट में आए भारतीय जहाज ईरान की घोषणा पर भरोसा कर होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों पर ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने गोलियां चला दीं। ब्रिटेन की सेना के अनुसार, गनबोट्स ने टैंकरों को निशाना बनाया। इस घटना के कारण भारत के कई जहाजों, जिनमें सनमार हेराल्ड , देश वैभव और जग अर्नव शामिल हैं, को अपना मार्ग बदलना पड़ा। इस आक्रामक रवैये के बाद भारत ने दिल्ली में ईरानी राजदूत को तलब कर अपनी कड़ी चिंता और विरोध दर्ज कराया है।
क्या पटरी से उतरेगी दूसरी वार्ता? पाकिस्तान में होने वाली ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के दूसरे दौर पर अब काले बादल मंडराने लगे हैं। विश्लेषक इसे एक व्यापक माइंड गेम मान रहे हैं। दोनों देश यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी शर्तें सर्वोपरि हैं। हालांकि, जिस तरह से होर्मुज को मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच का अविश्वास अभी भी वार्ता की मेज पर भारी पड़ रहा है।
क्या यह कूटनीतिक दबाव काम आएगा या फिर यह तनाव किसी बड़े सैन्य टकराव को जन्म देगा? पूरी दुनिया की नजरें अब आगामी वार्ता पर टिकी हैं।
Audio🔊of a Sailor aboard USS Michael Murphy (DDG 112), with video from the guided-missile destroyer’s embarked helicopter flying over the Gulf of Oman, as the U.S. Navy diverts a merchant vessel while enforcing the blockade on ships entering or departing Iranian ports. U.S.… pic.twitter.com/10QxlEoGkk
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 16, 2026
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