अलविदा बलबीर पुंज: पत्रकारिता से सियासत तक का सफर, भाजपा के बौद्धिक स्तंभ ने ली अंतिम सांस
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वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद बलबीर पुंज का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शनिवार (18 अप्रैल) की शाम उनके निधन के साथ ही सार्वजनिक जीवन के एक प्रखर और विचारशील युग का अंत हो गया है। उनके निधन से राजनीतिक और पत्रकारिता गलियारों में शोक की लहर है।

पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर बलबीर पुंज का जीवन वैचारिक स्पष्टता और प्रतिबद्धता की मिसाल था। 1971 में द मदरलैंड अखबार से अपने करियर की शुरुआत करने वाले पुंज ने दो दशकों तक फाइनेंशियल एक्सप्रेस में सेवाएं दीं। वे द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स के कार्यकारी संपादक भी रहे। पत्रकारिता के साथ-साथ वे छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

भाजपा को वैचारिक धार देने वाले नेता राजनीति में पुंज का योगदान केवल पदों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने भाजपा को बौद्धिक आधार देने का काम किया। वे दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे (2000-2006 उत्तर प्रदेश और 2008-2014 ओडिशा)। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय युवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। Tryst with Ayodhya: Decolonisation of India जैसी पुस्तकें लिखकर उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें प्रखर विचारक बताया। उन्होंने कहा कि पुंज ने भाजपा को सशक्त बनाने के लिए अथक प्रयास किए और बुद्धिजीवियों को पार्टी से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने उन्हें राष्ट्रवादी विचारधारा का सशक्त स्तंभ बताते हुए कहा कि उनका जाना भाजपा परिवार और राष्ट्र के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है।

पत्रकारिता और संघठनात्मक योगदान पुंज केवल एक नेता नहीं, बल्कि पत्रकार संगठनों के भी प्रमुख स्तंभ रहे। वे दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। भाजपा के बौद्धिक प्रकोष्ठ के संयोजक के रूप में उन्होंने संगठन के वैचारिक विस्तार में जो भूमिका निभाई, उसे हमेशा याद रखा जाएगा।

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