वाशिंगटन: पिछले कुछ दशकों तक जिसे सिर्फ विज्ञान-कथाओं या साजिशों की थ्योरी मानकर मजाक में उड़ा दिया जाता था, आज वह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा का सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है। UFO (अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स) अब केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि एक गंभीर राजनीतिक और सैन्य मुद्दा बन गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रक्षा विभाग को UFO और अनआइडेंटिफाइड एरियल फिनॉमिना (UAP) से जुड़ी गुप्त फाइलों को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, सरकार को कई बेहद दिलचस्प दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें जल्द ही जारी किया जाएगा। यह स्पष्ट संकेत है कि अब सरकार इस विषय को ढंकने के बजाय जनता के सामने लाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी संसद ने पेंटागन से 45 से अधिक वीडियो और दस्तावेजों की मांग की है। इन वीडियो में ऐसे अजीबोगरीब सिगार और गोलाकार ऑब्जेक्ट्स देखे गए हैं, जो हवा में बिना आवाज के अचानक तेज गति से दिशा बदल सकते हैं। पेंटागन की एजेंसी AARO भले ही इन्हें सामान्य घटना बताकर टालने की कोशिश करती रही है, लेकिन सांसदों का मानना है कि ये ऑब्जेक्ट्स सैन्य ठिकानों के पास देखे जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे हैं।
UFO के इर्द-गिर्द का माहौल कितना तनावपूर्ण है, इसका अंदाजा अमेरिकी सांसद एंडी ओगल्स के बयान से लगाया जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, मैंने ऐसे गुप्त सबूत देखे हैं कि सिर्फ यह जानना भी कि वे मौजूद हैं, आपको निशाना बना सकता है। यह बयान साबित करता है कि वाशिंगटन के गलियारों में इस विषय पर एक खौफ का साया है, जिसे अब तक दबाकर रखा गया था।
इस पूरे विवाद के बीच सबसे चौंकाने वाला पहलू वैज्ञानिकों की संदिग्ध गुमशुदगी और मौतें हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में NASA, एयरफोर्स और परमाणु अनुसंधान से जुड़े करीब 11 वैज्ञानिकों की रहस्यमयी स्थितियों में मौत हुई या वे लापता हो गए। इनमें एमी एस्क्रिड्ज का मामला सबसे चर्चित है, जो एंटी-ग्रेविटी तकनीक पर शोध कर रही थीं और अपनी मौत से पहले उन्होंने दावा किया था कि उनकी जान खतरे में है।
हाल ही में एक वरिष्ठ साइबर सुरक्षा अधिकारी के निधन के बाद उनके पास से कुछ गुप्त फाइलें मिली हैं, जिनमें एटमॉस्फेरिक एनॉमलीज (वायुमंडलीय असामान्य घटनाएँ) का जिक्र है। इन फाइलों की जांच करने वाले विशेषज्ञों का दावा है कि ये इस बात का ठोस सबूत हैं कि अमेरिकी सेना लंबे समय से UFO के प्रोपल्शन (उड़ान तकनीक) का अध्ययन कर रही है।
इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए अब FBI को भी जांच में शामिल किया गया है। व्हाइट हाउस का मानना है कि इन मौतों और घटनाओं को जोड़कर देखने की जरूरत है। एक बड़ी आशंका यह भी है कि कहीं विदेशी ताकतें (Foreign Adversaries) अमेरिकी तकनीक और वैज्ञानिकों को निशाना तो नहीं बना रही हैं?
फिलहाल, दुनिया उस मोड़ पर है जहाँ आने वाले दिनों में सार्वजनिक होने वाली फाइलें न केवल UFO के अस्तित्व पर मुहर लगा सकती हैं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक और सैन्य रहस्यों से भी पर्दा उठा सकती हैं। क्या यह केवल तकनीक है या एलियन सभ्यता का संकेत? जवाब अब फाइलों के खुलने का इंतजार कर रहा है।
JUST IN: President Trump has directed Secretary of Defense Pete Hegseth to release government documents related to UFOs:
— Fox News (@FoxNews) April 17, 2026
“We found many very interesting documents, I must say. And the first releases will begin very, very soon. So you can go out and see if that phenomena is… pic.twitter.com/rDqUF8iPJk
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