समंदर में भारत की बढ़ती धमक! 4 खूंखार युद्धपोतों के बाद अब मोरक्को पहुंचा INS सुदर्शिनी
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भारतीय नौसेना ने समंदर में अपनी कूटनीतिक और सामरिक धमक को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में भारतीय नौसेना का प्रमुख सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी (INS Sudarshini) अपने ऐतिहासिक ट्रांसओशनिक अभियान लोकायन 26 के तहत मोरक्को के कासाब्लांका बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह कदम हिंद महासागर से लेकर अटलांटिक तक भारत की बढ़ती पहुंच का प्रमाण है।

एक साल में 5वीं बार बढ़ा भारत का दबदबा भारत और मोरक्को के बीच गहराते रक्षा संबंधों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक साल में भारतीय नौसेना के चार बड़े युद्धपोत कासाब्लांका पहुंच चुके हैं। इनमें आईएनएस तबर, आईएनएस तरकश, आईएनएस सुमेधा और आईएनएस तुशील शामिल हैं। इन विध्वंसक जहाजों के बाद आईएनएस सुदर्शिनी का दौरा दोनों देशों के बीच नौसैनिक तालमेल की नई ऊंचाई को दर्शाता है।

तीन दिवसीय दौरे का ब्लूप्रिंट मोरक्को पहुंचते ही आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने रॉयल मोरक्कन नेवी के आला अधिकारियों, विशेषकर सेंट्रल मैरीटाइम सेक्टर के कमांडर कमोडोर हसन अकौली और रॉयल नेवल स्कूल के निदेशक कमोडोर ओमर नासरी से मुलाकात की।

इस तीन दिवसीय प्रवास के दौरान भारतीय और मोरक्कन नौसेना के बीच प्रोफेशनल चर्चाएं होंगी। इसके साथ ही, भारतीय पोत पर विदेशी अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों के लिए भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सैन्य सहयोग और मजबूत होगा।

वसुधैव कुटुंबकम का वैश्विक संदेश रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी का यह मिशन केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं है। यह सभी के लिए सुरक्षा और विकास (SAGAR) के भारत के विजन को पुष्ट करता है। यह पोत प्राचीन समुद्री मार्गों को फिर से जीवित करते हुए वसुधैव कुटुंबकम के भारतीय दर्शन को वैश्विक स्तर पर प्रसारित कर रहा है।

फटाफट जानकारी (सवाल-जवाब)

[q] आईएनएस सुदर्शिनी किस अभियान के तहत कासाब्लांका पहुंचा है? [ans] यह पोत अपने ऐतिहासिक ट्रांसओशनिक अभियान लोकायन 26 के तहत मोरक्को पहुंचा है।

[q] आईएनएस सुदर्शिनी से पहले कौन से 4 भारतीय युद्धपोत मोरक्को गए? [ans] पिछले एक साल में आईएनएस तबर, आईएनएस तरकश, आईएनएस सुमेधा और आईएनएस तुशील मोरक्को का दौरा कर चुके हैं।

[q] इस दौरे का मुख्य कूटनीतिक उद्देश्य क्या है? [ans] इसका उद्देश्य भारत की वैश्विक समुद्री उपस्थिति को मजबूत करना, मोरक्को के साथ नौसैनिक सहयोग बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर शांति का संदेश देना है।

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