तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की आड़ में पाकिस्तान अपनी कूटनीति को धार देने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इन दिनों ईरान के दौरे पर हैं, लेकिन तेहरान में उनकी मौजूदगी किसी सैन्य कमांडर की कम और एक राष्ट्राध्यक्ष की ज्यादा लग रही है।
अगुवाई मुनीर की, नकवी की भूमिका गौण मुनीर के साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी तेहरान पहुंचे हैं। दौरे के दौरान सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि मुनीर पूरी तरह से नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि नकवी उनके पीछे एक पिछलग्गू की तरह चलते नजर आए। भारत में ट्रॉफी चोर के नाम से चर्चित नकवी की यह बॉडी लैंग्वेज पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति की हकीकत बयां कर रही है।
अमेरिका-ईरान के बीच शांति दूत बनने की कोशिश यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता बेनतीजा रही थी। मुनीर अब उसी कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने मुनीर के दौरे का स्वागत करते हुए पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की है। ईरान ने भी स्वीकार किया है कि पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
असली पावर सेंटर कौन? इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान के सत्ता समीकरण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने खुलकर कहा है कि देश की असली कमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पास नहीं, बल्कि जनरल आसिम मुनीर के हाथ में है।
चौधरी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मुनीर को ही पाकिस्तान का असली नेता माना है, जबकि शहबाज शरीफ का नाम लेना तक मुनासिब नहीं समझा।
सेना के हाथ में विदेश नीति की कमान यह पहली बार नहीं है जब जनरल मुनीर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का चेहरा बनकर उभरे हैं। चाहे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत हो या ईरान के साथ रणनीतिक संवाद, हर जगह सेना प्रमुख की सक्रियता यह साबित करती है कि पाकिस्तान की विदेश नीति और महत्वपूर्ण फैसले अभी भी रावलपिंडी (सेना मुख्यालय) की चारदीवारी के इर्द-गिर्द ही घूमते हैं।
पाकिस्तान की नागरिक सरकार इस पावर शो में केवल एक दर्शक या पर्दे के पीछे रहने वाले सहायक की भूमिका में सिमट कर रह गई है।
Delighted to welcome Field Marshal Munir to Iran.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 15, 2026
Expressed gratitude for Pakistan s gracious hosting of dialogue, emphasizing that it reflects our deep and great bilateral relationship. Our commitment to promoting peace and stability in the region remains strong—and shared. pic.twitter.com/e74lm6hL8r
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