लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर चल रही चर्चा के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। विपक्ष द्वारा दक्षिण भारत के प्रतिनिधित्व को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को खारिज करते हुए शाह ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी।
दक्षिण के राज्यों का गणित शाह ने साफ किया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटों की संख्या में इजाफा होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कर्नाटक में अभी 28 सीटें हैं, जो बढ़कर 42 हो जाएंगी। इसी तरह आंध्र प्रदेश में 25 से 38, तेलंगाना में 17 से 26, तमिलनाडु में 39 से 59 और केरल में 20 से 30 सीटें हो जाएंगी।
कुल प्रतिनिधित्व में होगी बढ़ोतरी गृह मंत्री के अनुसार, वर्तमान में दक्षिणी राज्यों से कुल 129 सांसद चुनकर आते हैं, जो कुल लोकसभा का 23.76 प्रतिशत है। परिसीमन के बाद यह संख्या बढ़कर 195 हो जाएगी और इनका कुल प्रतिशत लगभग 24 फीसदी तक पहुंच जाएगा। शाह ने जोर देकर कहा कि प्रतिनिधित्व कम होने का सवाल ही नहीं उठता, यह बढ़ रहा है।
कांग्रेस की आशंकाओं पर पलटवार परिसीमन आयोग में पक्षपात के प्रियंका गांधी के आरोपों पर शाह ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया है, इसे वैसा ही रखा है जैसा कांग्रेस के कार्यकाल में था। शाह ने तंज कसते हुए कहा, अगर कांग्रेस के शासन में इस कानून का इस्तेमाल कर हेरफेर की गई होगी, तो यह हमारी परंपरा नहीं है। हम ऐसा नहीं करेंगे।
2029 से पहले बदलाव नहीं शाह ने स्पष्ट किया कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट संसद की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगी। उन्होंने साफ कर दिया कि 2029 से पहले इसे लागू करने का कोई प्रश्न ही नहीं है। तब तक सभी चुनाव पुरानी व्यवस्था के तहत ही संपन्न होंगे।
विपक्ष को दी नसीहत अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि उन्हें 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी जोड़ दिया कि चुनाव तो उन्हें वैसे भी नहीं जीतना है। अंत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी दोहराते हुए शाह ने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women s reservation and delimitation, Union Home Minister Amit Shah says, The biggest narrative being created is that these three bills, the Constitution Amendment Bill, two laws on delimitation, and changes to the constituency election law,… pic.twitter.com/kv9bcJEL5E
— ANI (@ANI) April 16, 2026
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