सऊदी अरब, मिस्र, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच एक नए इस्लामिक क्वाड (Islamic QUAD) को लेकर हलचल तेज हो गई है। ये चार शक्तिशाली देश एक ऐसे फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं जो आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में नया समीकरण पेश कर सकता है। अगर यह गठबंधन हकीकत बनता है, तो मध्य पूर्व की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस संभावित गठबंधन की रूपरेखा तय करने के लिए हाल ही में इस्लामाबाद में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान के अतिरिक्त विदेश सचिव ताहिर अंद्राबी और तुर्किए के उप विदेश मंत्री मूसा कुलाकलिकाया समेत सऊदी अरब और मिस्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक साझा परामर्श ढांचा तैयार करना है।
इन देशों के बीच मुलाकातों की रफ्तार ने विशेषज्ञों को चौंका दिया है। 19 मार्च को रियाद में विदेश मंत्रियों की बैठक के महज दस दिन बाद ही इस्लामाबाद में फिर से अधिकारी जुटे। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण उपजी अस्थिरता इस गठबंधन की मुख्य प्रेरणा मानी जा रही है। चारों देश यह महसूस कर रहे हैं कि क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के लिए पारंपरिक कूटनीति अब काफी नहीं है।
पाकिस्तान इस पूरे मामले में सक्रिय बैकचैनल खिलाड़ी की भूमिका में है। जानकारों का मानना है कि इस्लामाबाद इस नए ब्लॉक के जरिए न केवल अपनी कूटनीतिक धाक जमाना चाहता है, बल्कि आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के लिए एक बड़ा सुरक्षा घेरा भी बनाना चाहता है। हालांकि पाकिस्तान अभी इसे आधिकारिक गठबंधन नहीं मान रहा है, लेकिन अंदरूनी चर्चाएं किसी बड़े सैन्य या आर्थिक समझौते की ओर इशारा कर रही हैं।
इस समूह का मकसद केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इन चारों देशों की मंशा आर्थिक तालमेल और बड़े वैश्विक मुद्दों पर एक जैसी सोच विकसित करने की है। भविष्य में यह समूह न केवल मिडिल ईस्ट की सुरक्षा का चेहरा बन सकता है, बल्कि आर्थिक निवेश और रणनीतिक सहयोग के लिए एक नया मंच साबित हो सकता है।
अगली अहम बैठक तुर्किए के अंताल्या शहर में प्रस्तावित है। फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती दौर में है, लेकिन जिस तेजी से ये देश एक साथ आ रहे हैं, उससे संकेत साफ हैं कि मध्य पूर्व में जल्द ही एक नया शक्ति केंद्र (Power Block) आकार लेने वाला है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह इस्लामिक क्वाड वैश्विक शक्तियों के बीच खुद को कैसे संतुलित करता है।
#إسلام_آباد | سمو الأمير الدكتور عبدالله بن خالد بن سعود الكبير مدير عام الإدارة العامة لتخطيط السياسات يشارك في الاجتماع الافتتاحي لكبار المسؤولين في الإطار التشاوري الرباعي بين المملكة العربية السعودية وجمهورية مصر العربية، وجمهورية باكستان الإسلامية، وجمهورية تركيا. pic.twitter.com/SSZ0jegPPD
— وزارة الخارجية 🇸🇦 (@KSAMOFA) April 14, 2026
महिला आरक्षण बिल पर घमासान: RJD ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल, कहा- यह सिर्फ वोट बैंक का खेल
होर्मूज संकट में चीन की ग्रैंड एंट्री : शी जिनपिंग का 4-सूत्रीय शांति प्लान और अमेरिका से सीधा टकराव
सम्राट चौधरी के CM बनने पर नीतीश के बेटे निशांत की चुप्पी टूटी, बताया क्यों ठुकराया डिप्टी CM का पद
नूर अहमद का जादुई स्पेल: 25 करोड़ के कैमरून ग्रीन को पहली गेंद पर ही दिखाया पवेलियन का रास्ता
गांगुली का वह ‘अमर’ वर्ल्ड रिकॉर्ड जिसे 29 सालों में सचिन-विराट भी नहीं छू पाए
वनप्लस ला रहा है अपना अब तक का सबसे दमदार टैबलेट, Exceptional Power के साथ होगा धमाका
बिहार: सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण के लिए BJP दफ्तर में खास तैयारियां, बूंदी और पूड़ी-सब्जी की महक से गूंजा मुख्यालय
मुकरबा चौक अंडरपास: 98% काम पूरा, अब दिल्ली वालों के बचेंगे 10 मिनट और हजारों लीटर ईंधन
IPL 2026: चिन्नास्वामी में गूंजा आरसीबी का शोर, रासिख के चौके और कोहली की धार से लखनऊ पस्त
शक की सनक: पति का पीछा करने के लिए चलती ट्रक के पीछे लटकी पत्नी, वीडियो देख कांप जाएंगे रोंगटे