महिला आरक्षण बिल: ‘आर पार’ में अमिश देवगन ने विपक्ष के पुराने बयानों का खोला कच्चा-चिट्ठा
News Image

हालिया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) पर देश भर में जारी सियासी घमासान के बीच, टीवी डिबेट शो आर पार में एंकर अमिश देवगन ने विपक्ष को आईना दिखाया। डिबेट के दौरान उन्होंने साल 2010 के महिला आरक्षण बिल के विरोध और उस समय के कद्दावर नेताओं के बयानों को लेकर विपक्ष से तीखे सवाल किए।

मुलायम और शरद यादव के बयानों पर घेराव अमिश देवगन ने डिबेट की शुरुआत पुराने जख्मों को कुरेदते हुए की। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 2010 में समाजवादी पार्टी और आरजेडी ने इस बिल का पुरजोर विरोध किया था। अमिश ने दिवंगत मुलायम सिंह यादव के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिल पास होने से संसद में ऐसी महिलाएं आएंगी जो ताली और सीटी बजवाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने शरद यादव की छोटे बालों वाली महिला वाली विवादित टिप्पणी को भी याद दिलाया।

इतिहास पर महुआ माझी और अमिश की तकरार जब अमिश ने झामुमो (JMM) नेत्री महुआ माझी से इन बयानों पर स्पष्टीकरण मांगा, तो उन्होंने इतिहास पर बात करने के बजाय वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। अमिश ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि आज जिस खोट को वह एक्सपोज कर रहे हैं, वह इतिहास ही है और इसी इतिहास के कारण यह बिल वर्षों तक लंबित रहा।

सपा प्रवक्ता से तीखी नोंक-झोंक सपा प्रवक्ता सुनील यादव से बात करते हुए अमिश ने पूछा कि क्या राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे आज वही राह अपना रहे हैं, जो मुलायम सिंह यादव ने उस समय दिखाई थी? सुनील यादव ने सवाल को घुमाते हुए आरक्षण में पिछड़ी और वंचित महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व की मांग उठाई। इस पर अमिश ने स्पष्ट किया कि बिल में कहीं भी वंचित महिलाओं को आरक्षण से बाहर नहीं रखा गया है, और तथ्यों के साथ बात रखने की चुनौती दी।

परिसीमन और 50% आरक्षण का मुद्दा डिबेट में विपक्षी दलों ने अलग-अलग मुद्दे उठाए। JMM की महुआ माझी ने परिसीमन के बहाने एसटी सीटों के घटने की आशंका जताई। वहीं, आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती ने मौजूदा 543 सीटों में ही तत्काल आरक्षण लागू करने की मांग रखी और 50-50% भागीदारी का फार्मूला सुझाया।

निष्कर्ष: क्या आज भी विरोध जारी है? डिबेट के अंत में जब एक पैनलिस्ट ने लालू प्रसाद और शरद यादव के बयानों का बचाव करते हुए उन्हें सही ठहराया, तो अमिश देवगन ने तंज कसते हुए कहा कि यदि वे बयान सही थे, तो इसका मतलब है कि आप आज भी बिल के विरोधी ही हैं। इस प्रकार, महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक दल एक बार फिर दो खेमों में बंटे नजर आए।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

नोएडा विरोध प्रदर्शन: 14 मौतों की अफवाह पर पुलिस का कड़ा प्रहार, जानिए क्या है हकीकत

Story 1

वैष्णो देवी की सीढ़ियों पर मिला लापता भाई: 5 साल बाद भिखारी की हालत में देख बहन की चीख निकली

Story 1

उज्जैन में गैंगवार का खौफनाक वीडियो: घर पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, खुद झुलसे तो दुम दबाकर भागे बदमाश

Story 1

चाचा की सेहत पर पिघला चिराग का दिल: अस्पताल पहुंचे पासवान, पुरानी कड़वाहट को रखा ताक पर

Story 1

SRH vs RR: राजस्थान रॉयल्स का मास्टरस्ट्रोक, वैभव के बाद अब 20 साल के इस तूफानी बल्लेबाज को मिला मौका

Story 1

पंजाब में बेअदबी अब पड़ेगी भारी: उम्रकैद और 25 लाख जुर्माने का नया कानून, क्या हैं कानूनी चुनौतियां?

Story 1

पटना मेट्रो का ब्रेन : 32.77 हेक्टेयर में आकार ले रहा शहर का सबसे आधुनिक कमांड सेंटर

Story 1

दिल्ली: यमुना के सुरघाट पर नहाने गए दो बच्चे डूबे, एक का शव बरामद, दूसरे की तलाश जारी

Story 1

बीजापुर गैंगरेप: मुख्य आरोपी निकला भाजपा नेता, विपक्ष का तंज- बेटी बचाओ भाजपा नेताओं से

Story 1

RCB बनाम LSG: चिन्नास्वामी में आज किसका चलेगा सिक्का ? हेड टू हेड आंकड़ों में कौन है आगे?