बढ़ता तनाव और नेतन्याहू की चेतावनी मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया कि ईरान के साथ मौजूदा युद्धविराम अब खत्म होने की कगार पर है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता की विफलता के बाद यह बयान क्षेत्र में बड़े युद्ध के संकेत दे रहा है।
ईरानी ठिकानों की नाजी यातना केंद्रों से तुलना इजरायली प्रधानमंत्री ने ईरान के परमाणु और रणनीतिक ठिकानों (नतांज, फोर्डो और बुशहर) की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के कुख्यात नाजी यातना केंद्रों से की है। नेतन्याहू ने कहा कि यदि इजरायल ने सख्त कदम नहीं उठाए होते, तो आज ये स्थान ऑशविट्ज, माजदा नेक और सोबिबोर की तरह होते, जहां लाखों बेगुनाहों का कत्लेआम हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
ट्रंप की समुद्री नाकेबंदी का इजरायल ने किया समर्थन नेतन्याहू ने ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी का पुरजोर स्वागत किया है। इजरायली पीएम ने कहा कि उनका देश अपनी शक्ति के शिखर पर है और तेहरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के कारण इस तरह की सख्त कार्रवाई अपरिहार्य थी। उन्होंने ट्रंप के इस फैसले को इजरायल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
क्या है अमेरिका का असली लक्ष्य? अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और नेतन्याहू के बीच हुई हालिया बातचीत में यह साफ हो गया है कि वाशिंगटन का मुख्य उद्देश्य ईरान से सभी संवर्धित परमाणु सामग्री (Enriched Material) को पूरी तरह से हटाना है। अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आने वाले दशकों तक ईरान में परमाणु संवर्धन की प्रक्रिया पूरी तरह बंद रहे।
कूटनीतिक गलियारों में हलचल, ईरान ने रखी शर्त एक ओर जहां युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा है कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को अपनी गैर-कानूनी शर्तें वापस लेनी होंगी। फथाली के अनुसार, इस संकट में ईरान और भारत का भविष्य भी एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।
अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नेतन्याहू की यह चेतावनी केवल दबाव बनाने की रणनीति है या फिर मध्य पूर्व एक और बड़े सैन्य संघर्ष की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
ראש הממשלה נתניהו בישיבת הממשלה: הלחימה נמשכת כל הזמן. אנחנו תומכים בעמדה התקיפה של הנשיא טראמפ להטיל מצור ימי על איראן. אנו מתואמים עם ארה ב כל הזמן - שוחחתי אתמול עם סגן הנשיא ואנס שהבהיר שהנושא המרכזי הוא הוצאת כל החומר המועשר ולהבטיח שאין יותר העשרה https://t.co/ec3SmdeZWr pic.twitter.com/mvrl0LaVdN
— ראש ממשלת ישראל (@IsraeliPM_heb) April 13, 2026
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