14 अप्रैल को बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक विशेष पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने संविधान निर्माता के जीवन से जुड़े अनसुने पहलुओं और उनकी दूरदर्शिता का जिक्र किया है।
शिक्षा और संघर्ष के प्रतीक थे बाबासाहेब मुख्यमंत्री योगी ने बाबासाहेब को विजन, मिशन और लगन का धनी बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर अपने समय के सर्वाधिक शिक्षित व्यक्तियों में से एक थे। वे न केवल एक न्यायविद और अर्थशास्त्री थे, बल्कि 35 हजार से अधिक पुस्तकों के संग्रहकर्ता भी थे, जो प्रतिदिन 16 से 18 घंटे अध्ययन करते थे।
जब बाबासाहेब ने सुदामा को दिया अपना ओवरकोट सीएम योगी ने बाबासाहेब की संवेदनशीलता को दर्शाने वाला एक किस्सा साझा करते हुए लिखा, बाबासाहेब ने घर पर सहयोग के लिए सुदामा नाम के एक व्यक्ति को रखा था। एक बार सुदामा देर रात फिल्म देखकर लौटे और बाहर ही सो गए। सुबह जब उनकी नींद खुली, तो उन्होंने खुद को बाबासाहेब के ओवरकोट से ढका हुआ पाया। यह घटना बाबासाहेब के मानवीय और सरल व्यक्तित्व की मिसाल है।
सरकार की योजनाओं में बाबासाहेब के आदर्श मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बाबासाहेब के शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो के मंत्र पर चलते हुए समाज के वंचित वर्गों के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राशन, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं और घरौनी के माध्यम से महिलाओं को मालिकाना हक देकर न्याय और समता का आदर्श स्थापित किया जा रहा है।
गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश का संकल्प योगी आदित्यनाथ ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नियोजित कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी के दायरे से बाहर आए हैं। अब सरकार जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है। दलित और कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए अटल आवासीय विद्यालय और छात्रावासों का निर्माण शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति ला रहा है।
जनता से की खास अपील पत्र के अंत में सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने घरों में अच्छी पुस्तकें रखें। उन्होंने कहा, स्वयं पढ़ें और अपनी आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करें, तभी बाबासाहेब के शिक्षित और सशक्त भारत का सपना साकार होगा।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 13, 2026
14 अप्रैल को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी की पावन जयंती है। यह अवसर भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार करने वाले उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का है, जिसकी दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामयी जीवन का अधिकार मिला।… pic.twitter.com/nYNRja0pYM
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