अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक ऐतिहासिक और आक्रामक कदम उठाते हुए आधिकारिक घोषणा की है कि 13 अप्रैल, 2026 को सुबह 10 बजे (ईस्टर्न टाइम) से ईरानी बंदरगाहों पर पूर्ण समुद्री नाकेबंदी लागू हो जाएगी। यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के तहत लिया गया है।
नाकेबंदी का दायरा और प्रभाव यह नाकेबंदी अरब सागर और ओमान की खाड़ी में स्थित सभी ईरानी बंदरगाहों पर लागू होगी। CENTCOM के अनुसार, इन क्षेत्रों में आने-जाने वाले हर प्रकार के कमर्शियल और जहाजी यातायात पर रोक लगा दी गई है। यह नियम सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगा।
अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग रहेगा खुला इस तनाव के बीच अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले अन्य देशों के जहाजों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। जो जहाज ईरान के बंदरगाहों पर नहीं जा रहे हैं, वे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेंगे। वाशिंगटन का उद्देश्य व्यापार को रोकना नहीं, बल्कि ईरान की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना है।
तेल निर्यात पर सीधा प्रहार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्पष्ट संदेश है कि इस कदम का मुख्य लक्ष्य ईरान की तेल बिक्री को रोकना है। अमेरिका का मानना है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी से तेहरान की आर्थिक स्थिति पर गहरा दबाव पड़ेगा। हाल ही में ईरान द्वारा कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर की अवैध वसूली की मांग को भी ट्रंप प्रशासन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
नाविकों के लिए सख्त निर्देश अमेरिकी नौसेना ने कमर्शियल जहाजों और नाविकों को नोटिस टू मरीनर्स का पालन करने की सख्त हिदायत दी है। ओमान की खाड़ी और होर्मुज के पास संचालन के दौरान जहाजों को ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने को कहा गया है। परिचालन से जुड़े अतिरिक्त निर्देश नाविकों को अलग से दिए जाएंगे।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव यह नाकेबंदी ऐसे समय में लागू की गई है जब ईरान के साथ तनाव चरम पर है। पाकिस्तान में हालिया शांति वार्ता की विफलता ने आग में घी का काम किया है। ईरान ने पहले भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकियां दी थीं, जिसके जवाब में अमेरिका ने यह कड़ा रुख अपनाया है। दुनिया की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि ईरान का अगला कदम क्या होगा।
.@POTUS: At 10a tomorrow, we have a blockade going into effect — that ll be 10a tomorrow. Other nations are working, so that Iran will not be able to sell oil and that will be very effective. pic.twitter.com/gNdAkW60Z8
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 13, 2026
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