स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ट्रंप का अल्टीमेटम: समझौते के बिना भी खोलेंगे रास्ता, इस्लामाबाद में महाबैठक शुरू
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ट्रंप की दो टूक: ईरान सैन्य रूप से पस्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अब और अधिक समय तक बंद नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य शक्ति—नौसेना, वायु सेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम—पूरी तरह तबाह हो चुकी है। ट्रंप के अनुसार, अब अमेरिका इस रास्ते को किसी भी हाल में खुलवाकर रहेगा, इसके लिए वह किसी समझौते का इंतजार नहीं करेंगे।

इस्लामाबाद बना कूटनीति का केंद्र पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए अमेरिका की एक हाई-लेवल टीम पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गई है। इस टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर भी शामिल हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, वेंस की टीम शनिवार को ईरानी प्रतिनिधिमंडल से पहली सीधी वार्ता करेगी, जिसका उद्देश्य पिछले एक महीने से जारी संघर्ष पर विराम लगाना है।

ईरान ने रखीं दो कठिन शर्तें दूसरी ओर, ईरान का पक्ष भी स्पष्ट है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता की मेज पर दो बड़ी शर्तें रखी हैं। पहली, लेबनान में तत्काल सीजफायर और दूसरी, ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करना। ईरानी डेलिगेशन में विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और सेंट्रल बैंक के गवर्नर जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो आर्थिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं।

सीजफायर पर उलझन और अमेरिका की चेतावनी वार्ता के बीच सीजफायर को लेकर दोनों देशों के अपने-अपने दावे हैं। तेहरान का मानना है कि इस युद्धविराम में लेबनान में इजरायली हमलों पर रोक भी शामिल है, जबकि अमेरिका और इजरायल ने साफ किया है कि हिजबुल्ला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी तरह की चालाकी या देरी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर अब पूरी दुनिया की निगाहें इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या ईरान अपनी सख्त शर्तों से पीछे हटेगा या अमेरिका अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करके रास्ता खोलने का रास्ता अपनाएगा? अगले कुछ घंटों में होने वाली यह बैठक पश्चिम एशिया की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।

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