नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुई 8वीं भारत-स्वीडन फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशंस (FOC) ने दोनों देशों के बीच संबंधों के एक नए युग की शुरुआत की है। भारत आए स्वीडन के विदेश सचिव डैग हार्टलियस और भारत के विदेश सचिव सीबी जॉर्ज ने द्विपक्षीय संबंधों के हर महत्वपूर्ण पहलू पर चर्चा की।
क्या हुई बात? दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ कारोबार, निवेश, रक्षा, इनोवेशन और सतत विकास पर सहमति बनी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यूरोपीय व्यापार का नया द्वार भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने भारत और स्वीडन के बीच आर्थिक रिश्तों का नया अध्याय लिखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता रक्षा उत्पादन में स्वीडिश तकनीक को भारत में लाने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा।
रक्षा संबंधों का स्वर्णिम इतिहास स्वीडन के साथ भारत के रक्षा संबंध आजादी के दौर से ही अटूट रहे हैं। स्वीडन ने भारत को कार्ल-गुस्ताफ (Carl-Gustaf) M4 रिकॉइललेस राइफल और AT4 एंटी-आर्मर वेपन जैसे कई घातक हथियार दिए हैं, जो आज भी भारतीय सेना की ताकत बने हुए हैं।
बोफोर्स का दम, पाकिस्तान पर भारी इतिहास गवाह है कि स्वीडन से मिली बोफोर्स तोपों (FH77B) ने 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए थे। इन तोपों की सटीक मारक क्षमता ने दुर्गम पहाड़ियों में छिपे पाकिस्तानी बंकरों को नेस्तनाबूद कर दिया था, जिससे भारत को निर्णायक जीत मिली थी।
मेक इन इंडिया से बढ़ी आत्मनिर्भरता अब भारत केवल हथियार खरीद नहीं रहा, बल्कि तकनीक साझा कर रहा है। स्वीडिश कंपनी साब (Saab) ने हरियाणा में कार्ल-गुस्ताफ हथियारों के लिए एक अत्याधुनिक निर्माण फैक्ट्री स्थापित की है। 2024 से यहाँ उत्पादन शुरू हो चुका है।
पूर्ण तकनीकी हस्तांतरण का लक्ष्य भारत और स्वीडन के बीच अब रक्षा हथियारों के पूर्ण तकनीकी हस्तांतरण (Transfer of Technology) पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में स्वीडन लगभग 75 फीसदी तकनीक के साथ भारत का सहयोग कर रहा है, जिसे भविष्य में और बढ़ाकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने की तैयारी है।
8th India-Sweden Foreign Office Consultations (FOC) were held in New Delhi today.
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 9, 2026
Secretary (West) @AmbSibiGeorge co-chaired the FOC with State Secretary for Foreign Affair, Mr. Dag Hartelius.
They reviewed all aspects of the bilateral relationship and agreed to strengthen it… pic.twitter.com/Ba4IeuDTOB
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