इजरायल और लेबनान के बीच जारी तनाव ने मध्य-पूर्व की स्थिति को फिर से विस्फोटक बना दिया है। जहां एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबरें चर्चा में थीं, वहीं दूसरी ओर इजरायली मिसाइलें लेबनान में तबाही मचा रही हैं। पिछले 24 घंटों में 100 से ज्यादा हमलों ने क्षेत्र में खून की नदियां बहा दी हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 8 अप्रैल को एक ट्वीट कर दावा किया था कि अमेरिका और ईरान लेबनान में तत्काल सीजफायर पर सहमत हो गए हैं। उनकी इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें करीब 250 लोगों की जान चली गई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शरीफ की जल्दबाजी और गलत कूटनीतिक दावों ने लेबनान के लोगों को भ्रम में रखा, जिसका खामियाजा उन्हें अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
सवाल यह है कि नेतन्याहू अपने सबसे करीबी सहयोगी अमेरिका के दबाव के बावजूद पीछे क्यों नहीं हट रहे? जानकारों के मुताबिक, नेतन्याहू को लगता है कि ट्रंप और ईरानी नेतृत्व के बीच नई कूटनीतिक व्यवस्था में इजरायल को हाशिए पर धकेला जा रहा है। इजरायल का मानना है कि ईरान के खिलाफ उनके तीन मुख्य लक्ष्य—परमाणु हथियार रोकना, मिसाइल विकास को खत्म करना और ईरान में सत्ता परिवर्तन—अभी अधूरे हैं।
नेतन्याहू सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है: जब तक हिजबुल्लाह का खतरा खत्म नहीं होता और विस्थापित इजरायली अपने घरों को नहीं लौटते, हमले जारी रहेंगे। नेतन्याहू 1982 और 2006 की उन गलतियों को नहीं दोहराना चाहते, जहां जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से इजरायल को नुकसान हुआ था। वे किसी भी ऐसे सीजफायर को मानने से इनकार कर रहे हैं जो उन्हें दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी न दे।
तनाव के बीच खबर है कि ईरान ने होर्मुज रूट को फिर से बंद कर दिया है। ईरान अब वहां से गुजरने वाले तेल टैंकरों से बिटक्वाइन में टैक्स वसूलने की तैयारी में है। यह कदम सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति को प्रभावित करने वाला है।
लेबनान पर हो रही बमबारी केवल हिजबुल्लाह को कमजोर करने का हथकंडा नहीं है, बल्कि यह वॉशिंगटन और तेहरान के लिए एक स्पष्ट संदेश है। नेतन्याहू दुनिया को यह दिखाना चाहते हैं कि इजरायल अपनी सुरक्षा के मामलों में किसी भी बाहरी दबाव या कूटनीतिक समझौते की बेड़ियों में बंधने को तैयार नहीं है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए अंत तक लड़ने को तैयार है।
As long as Hezbollah continues to threaten our civilians, we will continue to operate against them. pic.twitter.com/TD5VOGLcNO
— Israel Defense Forces (@IDF) April 8, 2026
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