शांति के बाद भी तनाव बरकरार सीजफायर (युद्धविराम) के बाद पहली बार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से किसी जहाज को गुजरने की अनुमति दी गई है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल जलमार्गों में से एक है। हालांकि, आवाजाही बहाल होने के साथ ही ईरान ने एक नया और चौंकाने वाला दांव चला है।
प्रति बैरल 1 डॉलर का टोल टैक्स ईरान ने अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले हर तेल टैंकर पर शुल्क लगाने की योजना बनाई है। ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पाद निर्यातकों के संघ के प्रवक्ता हामिद हुसैनी ने स्पष्ट किया है कि ईरान हर टैंकर से प्रति बैरल तेल के बदले 1 डॉलर का शुल्क वसूलना चाहता है।
क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की शर्त ईरान ने भुगतान के लिए एक सख्त शर्त रखी है: सारा लेन-देन केवल क्रिप्टोकरेंसी (खासकर बिटकॉइन) में होगा। ईरान का मानना है कि डिजिटल मुद्रा के जरिए भुगतान लेने से उसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने और अपनी आर्थिक गतिविधियों को ट्रैक होने से रोकने में मदद मिलेगी।
हथियारों की तस्करी पर नजर हुसैनी का कहना है कि यह शुल्क केवल कमाई का जरिया नहीं है, बल्कि सुरक्षा का भी मामला है। ईरान चाहता है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले हर जहाज का बारीकी से आकलन किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीजफायर की अवधि का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी के लिए न किया जाए।
पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी नए नियमों के तहत, प्रत्येक जहाज को पहले अपने माल की विस्तृत जानकारी ईमेल के जरिए अधिकारियों को देनी होगी। इसके बाद ही ईरान तय करेगा कि जहाज को किस मार्ग से गुजरना है। खाली टैंकरों को इस शुल्क से छूट दी गई है, लेकिन भरे हुए टैंकरों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य होगी।
क्या पश्चिमी देश मानेंगे ईरान की शर्त? ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय ले रही है। फिलहाल बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका और खाड़ी देशों के टैंकर इस जोखिम को उठाएंगे? ईरान द्वारा अपनी तटरेखा के करीब उत्तरी मार्ग के उपयोग की मांग करना अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक नई चुनौती बन सकता है।
Vessel movements resume in the Strait of Hormuz following ceasefire announcement
— MarineTraffic (@MarineTraffic) April 8, 2026
Early signs of vessel activity are emerging in the Strait of Hormuz following a ceasefire announcement, which includes a temporary reopening of the strategic waterway to allow for negotiations.… pic.twitter.com/CSy6PZlCJ4
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