ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम (सीजफायर) के फैसले पर भारत ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम पश्चिम एशिया में शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि जारी संघर्ष का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। मंत्रालय के अनुसार, तनाव कम करना (de-escalation) वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
भारत ने चिंता जताते हुए कहा कि इस संघर्ष ने न केवल आम नागरिकों को भारी कष्ट पहुंचाया है, बल्कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों पर भी बुरा असर पड़ा है। भारत ने उम्मीद जताई है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से जारी रहेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के अनुरोध पर दो सप्ताह के संघर्षविराम की घोषणा की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह सीजफायर होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और पूरी तरह से खोलने की शर्त पर किया गया है।
तेहरान ने भी इस फैसले पर सहमति जताते हुए कहा है कि वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर बैठेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका को ईरान से 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव मिला है, जिसे वे बातचीत का एक व्यवहारिक आधार मानते हैं।
इस संघर्षविराम समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं:
हालांकि संघर्षविराम की घोषणा हो चुकी है, लेकिन धरातल पर स्थिति अभी भी नाजुक है। बुधवार सुबह सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, इजराइल और यूएई में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए। यूएई के अबू धाबी में एक गैस प्लांट पर हमले की खबर ने कूटनीतिक प्रयासों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि जब तक राष्ट्रपति की ओर से अंतिम मुहर नहीं लग जाती, तब तक किसी भी समझौते पर पूर्ण रूप से भरोसा करना जल्दबाजी होगी। अब सबकी नजरें शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता पर टिकी हैं।
Ministry of External Affairs says, We welcome the ceasefire reached and hope that it will lead to a lasting peace in West Asia. As we have continuously advocated earlier, de-escalation, dialogue and diplomacy are essential to bring an early end to the ongoing conflict. The… pic.twitter.com/p4QDf17oEI
— ANI (@ANI) April 8, 2026
अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर: तेहरान की सड़कों पर जश्न, लेकिन बारूदी सुरंगों पर टिका समझौता
ईरान सीजफायर: ट्रंप का यू-टर्न और होर्मुज जलडमरूमध्य का सीक्रेट गेम
पवन खेड़ा का अंडरग्राउंड वीडियो वायरल: कैमरों से बचते दिखे कांग्रेस नेता, बीजेपी ने कसा तंज
ममता का भाजपा पर सांपों वाला हमला, कहा- दो मुंहे कोबरा और वाइपर से रहें सावधान
नोएडा की तर्ज पर अब ग्रेटर आगरा बनेगा नया इकोनॉमिक हब, सीएम योगी का मास्टरप्लान तैयार
उसकी निडरता और शॉट्स कमाल हैं : वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बैटिंग देख मंत्रमुग्ध हुए हार्दिक पांड्या
भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार: दिल्ली में जयशंकर और खलीलुर रहमान की अहम बैठक
बंगाल चुनाव से पहले दिल्ली में सियासी घमासान: CEC और TMC प्रतिनिधिमंडल के बीच तीखी बहस, लगा बदसलूकी का आरोप
सावधान: दिल्ली-NCR और UP में तूफानी बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, 3 दिन के लिए मौसम विभाग की सख्त चेतावनी
चुनाव आयोग बनाम टीएमसी: क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ने सांसदों से कहा गेट लॉस्ट ? दिल्ली में बढ़ा सियासी पारा