चुनाव आयोग बनाम टीएमसी: क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ने सांसदों से कहा गेट लॉस्ट ? दिल्ली में बढ़ा सियासी पारा
News Image

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली में चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोग के पास पहुंचे टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

सिर्फ 7 मिनट चली मीटिंग, क्या हुआ अंदर? टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ उनकी मुलाकात महज सात मिनट (10:02 से 10:07 तक) चली। डेरेक ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे गेट लॉस्ट (यहाँ से चले जाओ) कहा। टीएमसी प्रतिनिधिमंडल में डेरेक के अलावा सागरिका घोष, साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी शामिल थे।

टीएमसी की चुनौती: ऑडियो-वीडियो जारी करे आयोग डेरेक ओ ब्रायन ने इस घटना को राजनीति का शर्मनाक पल बताया है। उन्होंने चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए कहा कि बैठक का ऑडियो या वीडियो सार्वजनिक किया जाए ताकि सच सामने आ सके। टीएमसी का आरोप है कि उन्होंने 9 चिट्ठियां लिखीं और 6 उदाहरण दिए, लेकिन आयोग ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अब टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर अन्य दलों के साथ मोर्चा खोलने का फैसला किया है।

आयोग का पलटवार: टीएमसी सांसद ने किया चिल्ला-चोट विवाद पर सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान डेरेक ओ ब्रायन ने मर्यादा लांघते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया था। आयोग का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें केवल गरिमा बनाए रखने और अभद्र व्यवहार न करने की नसीहत दी थी।

साकेत गोखले ने आरोपों को नकारा बैठक में मौजूद टीएमसी नेता साकेत गोखले ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने कहा, यह झूठ है कि हमने चिल्लाया। सच तो यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने हमसे गेट लॉस्ट कहा। हम आयोग को बैठक का लिखित विवरण (ट्रांसक्रिप्ट) जारी करने की चुनौती देते हैं, वरना हम खुद ऐसा करेंगे।

चुनाव आयोग का संकल्प: निष्पक्ष चुनाव की गारंटी दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव हर हाल में भय, हिंसा, धमकी और प्रलोभन मुक्त होंगे। टीएमसी ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया था कि कुछ अधिकारी निष्पक्ष नहीं हैं और किसी विशेष पार्टी के इशारे पर काम कर रहे हैं। आयोग ने इन तबादलों और अधिकारियों की निष्पक्षता पर अपनी सख्त स्थिति बरकरार रखी है।

अहम पड़ाव पर बंगाल का रण पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई को आएंगे। राज्य की सत्ता के लिए भाजपा और टीएमसी में जबरदस्त जोर आजमाइश चल रही है। इस घटनाक्रम ने चुनाव से ठीक पहले राज्य के प्रशासनिक तंत्र और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सियासी बहस तेज कर दी है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ट्रंप की डेडलाइन से पहले ईरान दहला: पुल उड़े, ठिकानों पर बमबारी और कई मौतें

Story 1

क्या मिडिल ईस्ट में थमेगी बारूद की गंध? ईरान ने दी सीजफायर पर बड़ी हामी

Story 1

ट्रंप का बड़ा ऐलान: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की बड़ी तैनाती, मध्य पूर्व में स्वर्ण युग की आहट

Story 1

Ghost Murmur: अमेरिका की वह गुप्त तकनीक जिसने ईरान में फंसे पायलट को मौत के मुंह से निकाला

Story 1

महाविनाश टला: अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्ते का युद्धविराम, डोनल्ड ट्रंप ने किया एलान

Story 1

अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी शांति का एलान, ट्रंप ने दो हफ्तों के लिए टाला युद्ध

Story 1

अल्लू अर्जुन की नई फिल्म राका का धमाकेदार ऐलान, पोस्टर देख फैंस बोले- 2000 करोड़ पक्के!

Story 1

मणिपुर में हिंसा का तांडव: दो मासूमों की मौत के बाद भड़की भीड़, चार जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू

Story 1

CA फाइनल के छात्रों के लिए बड़ी खबर: अब साल में केवल दो बार होगी परीक्षा, ICAI ने जारी किया नया शेड्यूल

Story 1

US-Iran Ceasefire: श्रेय लेने के चक्कर में फंसे शहबाज शरीफ, ड्राफ्ट गलती से खुली पोल!