मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान को पाषाण युग (Stone Age) में धकेल दिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उनके पास आज रात 8 बजे तक का समय है। ट्रंप ने साफ कर दिया कि यदि ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तो उसके पास न कोई पुल बचेगा और न ही कोई पावर प्लांट। पेंटागन ने अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है और अब केवल अंतिम आदेश का इंतजार है। ट्रंप के मुताबिक, उनका यह मिशन ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह तबाह कर उसे दशकों पीछे ले जाने के लिए पर्याप्त है।
अमेरिका का पावर प्लांट ब्रिज डे प्लान बेहद विनाशकारी है। इसके तहत अमेरिकी वायुसेना के सैकड़ों फाइटर जेट्स और बॉम्बर्स ईरान के महत्वपूर्ण ऊर्जा संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएंगे। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका की सैन्य ताकत के दम पर मात्र 4 घंटों में ईरान के सभी प्रमुख पावर प्लांट और पुल मलबे में तब्दील किए जा सकते हैं। इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और आर्थिक व्यवस्था को अंदर से पूरी तरह खोखला करना है।
इस हमले के लिए अमेरिका अपने सबसे घातक हथियारों का उपयोग करने की तैयारी में है। बी-1, बी-2 और बी-52 जैसे बॉम्बर्स ईरान के डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हैं। इसके अलावा, जीबीयू-57 (GBU-57) बंकर बस्टर बमों का उपयोग ईरान की उन गुप्त न्यूक्लियर साइट्स को नष्ट करने के लिए किया जाएगा जो पहाड़ों के नीचे दफन हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देंगे।
केवल बमबारी ही नहीं, अमेरिका ईरान को डिजिटल रूप से अंधा करने की भी तैयारी कर चुका है। अमेरिकी साइबर कमांड ईरान के मिलिट्री कमांड और कंट्रोल सिस्टम को एक बटन दबाते ही ठप कर सकती है। यदि ऐसा होता है, तो ईरान की मिसाइलें अपने लॉन्चर से बाहर नहीं निकल पाएंगी। ट्रंप की रणनीति पहले डिजिटल हमले से दुश्मन को पंगु बनाने और फिर आसमान से बारूद बरसाने की है।
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन का केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को रखा है। ईरान द्वारा इस जलमार्ग को बंद करने की धमकी के चलते अमेरिका ने वहां की नौसेना और माइन-ड्रॉपर्स को पहले ही नष्ट करने का दावा किया है। यदि ईरान पर पूर्ण हमला होता है, तो दुनिया का 20 फीसदी तेल व्यापार प्रभावित हो सकता है। जानकारों का कहना है कि इसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ सकता है।
ट्रंप का मानना है कि ईरान पिछले 47 वर्षों से अपनी नीतियों से दुनिया को परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन तथ्यों और सावधानीपूर्वक योजना के आधार पर काम कर रहा है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों ने इस संभावित तबाही पर चिंता जताई है, लेकिन ट्रंप का कहना है कि वे ईरानी जनता को शासन के अत्याचारों से आजादी दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, ईरान की सड़कों से लेकर वाशिंगटन के वॉर रूम तक, हर तरफ इस महायुद्ध की आहट सुनाई दे रही है।
#WATCH | Washington, DC: US President Donald Trump says, ... This is a critical period... They asked for an extension of seven days; I gave them 10 days... They have till tomorrow. Now we will see what happens... A lot of people are affected by this. We are giving them until… pic.twitter.com/ly9MDBHjLy
— ANI (@ANI) April 6, 2026
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