ट्रंप की अपशब्द वाली धमकी के बाद अमेरिका में मचा सियासी बवाल, इस्तीफे की उठी मांग
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। ईरान के पावर प्लांट और पुलों को उड़ाने की धमकी देते हुए ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया, उसने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान को भड़काया है, बल्कि अमेरिका के भीतर भी उनके खिलाफ तीखी आलोचनाओं का दौर शुरू कर दिया है।

असंतुलित बयान पर बरसे विपक्षी नेता ट्रंप की इस भाषा को बर्नी सैंडर्स ने मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति की बड़बड़ाहट करार दिया है। वहीं, सांसद मेलिनी स्टेंसबरी ने सीधे तौर पर अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन को लागू करने की मांग उठा दी है। 25वां संशोधन राष्ट्रपति के पद के लिए अक्षम होने की स्थिति में उनकी शक्तियों को उपराष्ट्रपति को सौंपने का प्रावधान करता है।

युद्ध अपराध की चेतावनी सीनेटर जैफ मर्कले ने ट्रंप के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सैनिक की कानूनी जिम्मेदारी है कि वह युद्ध अपराध से जुड़े अवैध आदेशों को मानने से इनकार कर दे। डेमोक्रेटिक पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

अपनी ही पार्टी के निशाने पर ट्रंप आश्चर्यजनक रूप से, इस बार विरोध में ट्रंप की अपनी पार्टी के सुर भी शामिल हैं। पूर्व रिपब्लिकन नेता मार्जरी टेलर ग्रीन ने ट्रंप के व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से अपील की है कि वे राष्ट्रपति की पूजा करना बंद करें और उनकी इस कथित सनक को रोकने के लिए हस्तक्षेप करें।

ईरान का पलटवार ईरान ने ट्रंप की धमकी को हताशा से भरी और मूर्खतापूर्ण हरकत करार दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को तभी खोला जाएगा जब युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए ट्रांजिट टोल का भुगतान किया जाएगा। बता दें कि ट्रंप लगातार अपनी डेडलाइन बदल रहे हैं। 21 मार्च से शुरू हुई यह डेडलाइन अब 6 अप्रैल तक पहुंच चुकी है, लेकिन धरातल पर तनाव कम होने के बजाय और गहरा गया है।

क्या यह राष्ट्रपति का मानसिक संतुलन है? एक अमेरिकी एफ-15 विमान गिराए जाने की घटना के बाद आया यह बयान अब बहस का मुख्य मुद्दा बन गया है। जहां एक ओर डेमोक्रेटिक सांसद एमि बेरा और जिम मैकगवर्न उन्हें मदद लेने की जरूरत वाला व्यक्ति बता रहे हैं, वहीं समर्थकों और आलोचकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सत्ता का दबाव अमेरिकी राष्ट्रपति के मानसिक संतुलन पर भारी पड़ रहा है।

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