बारामती उपचुनाव: क्या निर्विरोध चुन ली जाएंगी सुनेत्रा पवार या कांग्रेस तोड़ेगी महाराष्ट्र की सियासी परंपरा?
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महाराष्ट्र की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट मानी जाने वाली बारामती में उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। डिप्टी सीएम अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने नामांकन दाखिल कर दिया है। इसी के साथ राज्य में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह चुनाव निर्विरोध संपन्न होगा या फिर यहाँ कोई बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिलेगा।

प्रफुल्ल पटेल की कांग्रेस से गुहार नामांकन के बाद एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। पटेल ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील की है कि वे सुनेत्रा पवार का समर्थन करें। पटेल के अनुसार, वे पिछले तीन दिनों से खड़गे से संपर्क की कोशिश कर रहे हैं ताकि इस उपचुनाव को सर्वसम्मति से निपटाया जा सके।

परंपरा बनाम चुनौती महाराष्ट्र में एक अलिखित सियासी परंपरा रही है कि यदि किसी विधायक के निधन के बाद उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़ता है, तो विपक्षी दल अक्सर उम्मीदवार नहीं उतारते। 2019 के अंधेरी पूर्व उपचुनाव में बीजेपी ने इसी परंपरा का पालन करते हुए अपना उम्मीदवार वापस ले लिया था। सुनेत्रा पवार ने भी इसी परंपरा का हवाला देते हुए उद्धव ठाकरे से समर्थन मांगा है।

कांग्रेस की दुविधा और अजीत पवार की साख फिलहाल कांग्रेस ने इस सीट से आकाश मोरे को अपना उम्मीदवार बनाया है। अब सारा दारोमदार कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर है। यदि कांग्रेस हाथ खींचती है, तो सुनेत्रा पवार की राह आसान हो जाएगी, लेकिन अगर वे अड़े रहे, तो अजीत पवार के लिए यह मुकाबला साख की बड़ी लड़ाई बन जाएगा। लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले से मिली हार के बाद, अजित पवार इस सीट को जीतकर अपनी खोई हुई पकड़ फिर से साबित करना चाहते हैं।

क्या होगा बारामती का फैसला? सूत्रों की मानें तो शरद पवार गुट के भीतर भी इस बात को लेकर हलचल है कि क्या सुनेत्रा पवार को वॉकओवर दिया जाए। हालांकि, अब सबकी नजरें कांग्रेस के रुख पर टिकी हैं। अगले 24 घंटे इस बात का फैसला करेंगे कि बारामती में शांतिपूर्ण निर्विरोध जीत होगी या फिर एक बार फिर पवार बनाम पवार के बीच चुनावी रणभेरी सुनाई देगी।

दिल्ली से आने वाला कांग्रेस का फैसला ही तय करेगा कि बारामती की राजनीति किस करवट बैठेगी। क्या पुरानी परंपरा कायम रहेगी या बारामती फिर से चुनावी घमासान का केंद्र बनेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

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