ईरान-इजरायल जंग: बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले से खाड़ी देशों में रेडिएशन का खतरा
News Image

ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हुए चौथे हमले ने पूरे मिडिल ईस्ट में हड़कंप मचा दिया है। इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए इस हमले के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। ईरान ने इसे एक गंभीर और जानलेवा कदम करार दिया है।

खाड़ी देशों के लिए परमाणु संकट ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि इस हमले के कारण रेडियोएक्टिव रेडिएशन फैलता है, तो इसका सबसे भयावह असर ईरान पर नहीं, बल्कि खाड़ी देशों (GCC) की राजधानियों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्लांट की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि हवा और समुद्री लहरें जहरीले मलबे को पश्चिम की ओर धकेल सकती हैं।

पानी का संकट और समुद्री खतरा विशेषज्ञ एलन एयर का कहना है कि रेडिएशन फैलने से खाड़ी देशों के डिसेलिनेशन प्लांट्स (खारे पानी को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्र) बंद हो सकते हैं। यदि समुद्र का पानी विषाक्त हुआ, तो इन देशों के पास पीने के पानी का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा। हालांकि यह चेरनोबिल जैसा विनाशकारी नहीं होगा, लेकिन यह गंभीर जल संकट पैदा करने में सक्षम है।

संयुक्त राष्ट्र से ईरान की गुहार अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए हैं। अराघची ने कहा कि जब यूक्रेन के जेपोरिजिया प्लांट पर हमला हुआ था, तब पूरी दुनिया ने शोर मचाया था, लेकिन ईरान के मामले में दुनिया खामोश क्यों है?

IAEA और WHO ने जताई चेतावनी अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने हमले में हुई एक कर्मचारी की मौत पर गहरा दुख जताया है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अढानोम घेब्रेयेसस ने चेतावनी दी है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले पीढ़ियों तक रहने वाले स्वास्थ्य दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं।

198 कर्मचारी सुरक्षित निकाले गए रूसी कंपनी रोसाटॉम के अनुसार, हमले के बाद संयंत्र से 198 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके पास डील करने के लिए केवल 48 घंटे का समय है, अन्यथा उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने होंगे।

इजरायल में अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तनाव के माहौल में इजरायल के तेल अवीव में सैकड़ों नागरिकों ने अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारी बम नहीं, बात करो के नारे लगाते हुए तुरंत युद्ध रोकने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में परमाणु दुर्घटना और युद्ध के विस्तार का खतरा मंडरा रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

राका का रहस्य और 800 करोड़ का मेगा बजट: अल्लू अर्जुन की अगली फिल्म मचाएगी तहलका

Story 1

विराट कोहली का नाम सुनते ही भड़के बाबर आजम, प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार को सुनाई खरी-खोटी

Story 1

बेमौसम बारिश से मिलेगी राहत, लेकिन कुछ ही दिनों में बढ़ेगा गर्मी का पारा: जानें क्या कहता है मौसम विभाग

Story 1

6 तिहरे शतक लगाने वाला दुनिया का इकलौता क्रिकेटर, जिसके सामने गेंदबाजों की कांपती थी रूह

Story 1

साइबर फ्रॉड से बचने का ब्रह्मास्त्र : अब किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक की पहले करें जांच, फिर करें भरोसा

Story 1

केदारनाथ यात्रा 2026: बर्फ की मोटी चादर भी डिगा नहीं पाई हौसले, युद्धस्तर पर जुटी प्रशासन की टीम

Story 1

मिडिल ईस्ट में सीजफायर ड्रामा: ट्रंप के दावों के बीच ईरान ने अमेरिका को दी दो-टूक चेतावनी

Story 1

अजित पवार का अंदाज, पार्थ की नई उड़ान: राज्यसभा सांसद के रूप में ली शपथ

Story 1

कंप्यूटर फॉन्ट को मात देती है इस आंटी की लिखावट, वीडियो देख दंग रह गई दुनिया

Story 1

हारकर भी दिल जीत ले गए हार्दिक पांड्या, 15 साल के सुपरस्टार वैभव सूर्यवंशी ने मचाई धूम