पीएम मोदी की चेन्नई में म्यूजिकल डिप्लोमेसी : रमेश विनायकम से मुलाकात के क्या हैं सियासी मायने?
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चेन्नई में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग अंदाज देखने को मिला। सियासी रैलियों से इतर, पीएम मोदी ने चेन्नई में प्रसिद्ध संगीतकार और शोधकर्ता थिरु रमेश विनायकम के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

आखिर कौन हैं रमेश विनायकम?

रमेश विनायकम दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग (तमिल और तेलुगु) के एक जाने-माने संगीतकार, गायक और शोधकर्ता हैं। महज 12 साल की उम्र में अपना पहला गीत रचने वाले विनायकम ने अपना जीवन भारतीय संगीत को नई पहचान दिलाने में समर्पित कर दिया है। उन्हें उनके क्रांतिकारी गमक बॉक्स नोटेशन सिस्टम के लिए जाना जाता है।

क्या है गमक बॉक्स नोटेशन सिस्टम ?

भारतीय शास्त्रीय संगीत में गमक यानी स्वरों का उतार-चढ़ाव बेहद महत्वपूर्ण होता है, जिसे पारंपरिक पश्चिमी नोटेशन में लिखना नामुमकिन माना जाता था। रमेश विनायकम ने दशकों की मेहनत से एक ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जिससे इन बारीकियों को कागज पर उतारा जा सकता है। पीएम मोदी ने मुलाकात के दौरान इस अनूठी पद्धति में वंदे मातरम और सारे गामा का गायन भी सुना, जिससे वे काफी प्रभावित नजर आए।

म्यूजिक कार्ड से डीएमके को चुनौती?

राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को तमिलनाडु में बीजेपी की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देख रहे हैं। तमिलनाडु की राजनीति का इतिहास कला और सिनेमा से गहरा जुड़ा रहा है। ऐसे में एक वैश्विक स्तर के संगीत शोधकर्ता से मिलना, विपक्ष (डीएमके) के क्षेत्रीय अस्मिता वाले दांव के सामने सांस्कृतिक गौरव का संदेश देने की कोशिश है।

विरासत बनाम विकास की बिसात

तमिलनाडु में बीजेपी इस बार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को अपना मुख्य मुद्दा बना रही है। पीएम मोदी का लगातार तमिल भाषा, कला और वहां की महान हस्तियों का जिक्र करना इसी रणनीति का हिस्सा है। रमेश विनायकम को दो पेंसिल भेंट कर पीएम ने भारतीय संगीत की जड़ों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उनके प्रयास की जमकर तारीफ की।

चुनावी माहौल में संदेश साफ है

चुनाव के शोर-शराबे में पीएम मोदी का यह कदम संदेश देता है कि भाजपा केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह तमिलनाडु के बौद्धिक और कला प्रेमी वर्ग के साथ एक वैचारिक सेतु बनाने की कोशिश कर रही है। क्या यह संगीत के सुर तमिलनाडु में बीजेपी के लिए चुनावी रण जीतने में मददगार साबित होंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।

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