50 साल से अधिक समय के बाद इंसान एक बार फिर पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) से बाहर गहरे अंतरिक्ष में कदम रख चुका है। 1 अप्रैल, 2026 को केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ NASA का ‘आर्टेमिस II’ मिशन अब अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
इस मिशन में कमांडर रीड वाइज़मैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कैनेडियन एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। यह टीम 10 दिनों की अपनी इस 685,000 मील लंबी यात्रा के आधे पड़ाव को पार कर चुकी है।
मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच ने अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पृथ्वी से 70,000 मील से अधिक की दूरी तय करने के साथ ही, वह पृथ्वी से सबसे दूर जाने वाली पहली महिला बन गई हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके करियर के लिए, बल्कि भविष्य में मंगल ग्रह तक जाने के मानवीय सपनों के लिए भी एक बड़ा मील का पत्थर है।
NASA ने पुष्टि की है कि ओरियन स्पेसक्राफ्ट अब अपने प्रमुख लक्ष्य—चांद के करीब पहुंचने—के बेहद करीब है। 6 अप्रैल को क्रू चांद के पास से फ्लाई-बाय करेगा। इस दौरान एस्ट्रोनॉट्स चंद्रमा की सतह का वैज्ञानिक अवलोकन करेंगे। यह मिशन इंसान को 50 साल बाद चंद्रमा पर वापस ले जाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
ओरियन स्पेसक्राफ्ट के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। कमांडर रीड वाइज़मैन ने पृथ्वी की अद्भुत तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें अंधेरे अंतरिक्ष में हमारा ग्रह अपनी इलेक्ट्रिक लाइटों के साथ चमकता हुआ दिखाई दे रहा है।
वहीं, एक अन्य वीडियो में पायलट विक्टर ग्लोवर को वर्कआउट करते और जेरेमी हैनसेन को क्रू के लिए लंच तैयार करते देखा जा सकता है। यह फुटेज दिखाती है कि गहरे अंतरिक्ष में फिटनेस और पोषण का संतुलन बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण और रोमांचक है।
माइक्रोग्रैविटी में जीवन आसान नहीं है। अंतरिक्ष यान के अंदर स्वच्छता बनाए रखने के लिए NASA ने यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया है। यह एक कॉम्पैक्ट 5-क्यूबिक-फुट का टॉयलेट है, जो कचरे को गंध-मुक्त कनस्तरों में सील करता है। यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि लंबी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान केबिन का वातावरण सुरक्षित और कार्यशील बना रहे।
आर्टेमिस II केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भविष्य के डीप-स्पेस एक्सप्लोरेशन की एक प्रयोगशाला है। जैसे-जैसे यह मिशन आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे मानवता चांद और उससे परे मंगल ग्रह की ओर अपने कदम और मजबूत कर रही है।
Even in darkness, we glow.
— NASA (@NASA) April 3, 2026
In this image of Earth taken by the Artemis II crew, we can see the electric lights of human activity. In the lower right, sunlight illuminates the limb of the planet. pic.twitter.com/kWcjHFvoDM
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