पिछले पांच हफ्तों से जारी ईरान-अमेरिका संघर्ष एक बेहद खतरनाक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। एक ही दिन में दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के मार गिराए जाने की घटना ने पेंटागन की रणनीतियों और अमेरिकी हवाई श्रेष्ठता के दावों को बड़ी चुनौती दी है।
युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उसके विमान ईरानी हमलों का निशाना बने हैं।
लापता पायलट की तलाश में निकले दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों को भी ईरानी हमले का सामना करना पड़ा। हालांकि, वे किसी तरह ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहे। यह घटना दर्शाती है कि दुश्मन के इलाके में बचाव दल भेजना कितना जोखिम भरा है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में लापता अमेरिकी पायलट की तलाश तेज कर दी है। ईरान ने नागरिकों से पायलट की जानकारी साझा करने या उसे पकड़ने की अपील की है।
ईरानी अधिकारियों ने घोषणा की है कि जो कोई भी दुश्मन सेना के सदस्यों को पकड़ेगा या मारेगा, उसे इनाम दिया जाएगा। ईरानी संसद के स्पीकर ने इस स्थिति को युद्ध का एक नया अध्याय बताते हुए कहा कि अब उनका ध्यान सत्ता परिवर्तन से हटकर इन पायलटों की तलाश पर केंद्रित है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन घटनाओं को लेकर लगातार अपडेट ले रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से वे इनके असर को कम करके दिखा रहे हैं। इन घटनाओं के बावजूद ट्रंप ने शांति वार्ता पर कोई नकारात्मक असर न पड़ने की बात कही है।
हालांकि, इन हमलों ने ट्रंप के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिनमें उन्होंने कहा था कि ईरानी हवाई क्षेत्र पर अमेरिकी सेना का पूर्ण नियंत्रण है और तेहरान कुछ भी करने में असमर्थ है।
ईरान द्वारा इजराइल और खाड़ी देशों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने के कारण पूरे क्षेत्र में स्थिरता का संकट गहरा गया है। कुवैत के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले और युद्ध के लंबे खिंचने की आशंका के चलते तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही संघर्ष-विराम की कोशिशों को ईरान द्वारा ठुकराए जाने के बाद, फिलहाल इस युद्ध के थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। एक अमेरिकी पायलट के दुश्मन के इलाके में होने की संभावना ने इस पूरे संघर्ष को और भी अधिक संवेदनशील और अस्थिर बना दिया है।
Another enemy F-35 hit and downed by our #indigenous defence systems.
— Consulate General of the I.R. Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 3, 2026
Iran is a force to be reckoned with.#Iran#F35#War pic.twitter.com/q1DhkTXrm3
ईरान में फंसे पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने बरपाया कहर, 2000 करोड़ के एयरक्राफ्ट किए कुर्बान
कल फिर बिगड़ेगा मौसम: देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट
मैदान पर ड्रिंक्स बोतल को लेकर हुआ बड़ा बवाल, अंपायर पर भड़के रजत पाटीदार और दिनेश कार्तिक
बाघिन के सामने उसके बच्चों को उठाकर ले गया शख्स, रोंगटे खड़े कर देगा यह वायरल वीडियो
IPL 2026: ऑरेंज कैप पर 22 साल के युवा का कब्जा, जानें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज
चिन्नास्वामी में RCB का विस्फोट : रजत-टिम की आतिशबाजी के आगे पस्त हुई CSK, 43 रनों से जीता मुकाबला
भोदूबाबा का CDR कांड: अंजलि दमानिया ने सुषमा अंधारे को घेरा, उठाए गंभीर सवाल
गैस पाइपलाइन के पास विस्फोटक: क्या यूरोप में फिर छिड़ने वाला है ऊर्जा का नया युद्ध?
यूपी बोर्ड का बड़ा एक्शन: स्कूलों में मनमानी महंगी किताबों पर रोक, केवल NCERT की किताबें होंगी मान्य
बारपेटा में गरजे PM मोदी: कांग्रेस के पास विजन नहीं, सिर्फ भ्रष्टाचार का इरादा