मिडिल ईस्ट में जारी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बीच अमेरिका को अब तक का सबसे बड़ा सामरिक झटका लगा है। ईरान के सटीक मिसाइल और ड्रोन हमलों ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर तैनात अमेरिकी वायुसेना के E-3 सेंट्री (AWACS) को तबाह कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में विमान का पिछला हिस्सा पूरी तरह नष्ट दिखाई दे रहा है।
क्या है E-3 सेंट्री की अहमियत? E-3 सेंट्री केवल एक विमान नहीं, बल्कि अमेरिकी वायुसेना की दिव्य दृष्टि है। यह हवा में उड़ता हुआ रडार सिस्टम है, जो दुश्मन की मिसाइलों और विमानों को दूर से ही ट्रैक करता है। इस विमान के नष्ट होने का मतलब है कि अमेरिका ने अपनी हवाई निगरानी क्षमता का एक बड़ा हिस्सा खो दिया है।
थक चुके बाज और घटती क्षमता बोइंग 707 पर आधारित E-3 सेंट्री 1970 के दशक से सेवा में हैं। वर्तमान में अमेरिकी बेड़े में केवल 16 सक्रिय विमान बचे हैं, जिनमें से भी 55% से कम ही उड़ान भरने की स्थिति में रहते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये विमान अब काफी पुराने हो चुके हैं और उनकी मिशन क्षमता लगातार गिर रही है।
क्या बोनयार्ड से निकलेगा समाधान? विमान को वापस खड़ा करने के लिए अमेरिका के पास एक ही रास्ता है—एरिज़ोना का बोनयार्ड (विमानों का कब्रिस्तान)। यहाँ 18 पुराने E-3 विमान स्टोर किए गए हैं। वायुसेना इन रिटायर हो चुके विमानों से पुर्जे निकालकर क्षतिग्रस्त विमान को दोबारा जोड़ने का जुगाड़ कर सकती है।
चुनौती: रडार की संवेदनशीलता हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह काम आसान नहीं है। E-3 का रडार बेहद नाजुक होता है। पुराने विमानों के पुर्जे आधुनिक युद्ध क्षेत्र में प्रभावी होंगे या नहीं, यह बड़ा सवाल है। इसके अलावा, पुराने रडार आज के छोटे और आधुनिक ड्रोन को पकड़ने में उतने सक्षम नहीं हैं।
विकल्पों का संकट अमेरिका के पास नौसेना का E-2D हॉकाई विकल्प के तौर पर है, लेकिन इसकी रेंज और क्रू क्षमता E-3 के मुकाबले बहुत कम है। दूसरी ओर, वायुसेना जिस नए E-7 वेजटेल एयरक्राफ्ट पर दांव लगा रही थी, उसके बजट को लेकर भी पेंटागन में असमंजस है। 2026 के बजट में इस प्रोग्राम को रोकने की सिफारिश चिंताजनक है।
बढ़ता भारी नुकसान एपिक फ्यूरी ऑपरेशन अमेरिका के लिए भारी साबित हो रहा है। हाल के दिनों में तीन F-15E स्ट्राइक ईगल, एक KC-135 टैंकर और दर्जनों MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हो चुके हैं। साथ ही, 19 मार्च को एक F-35 का क्षतिग्रस्त होना अमेरिकी वायुसेना के लिए किसी बड़े खतरे की घंटी से कम नहीं है। क्या अमेरिका बिना अपनी दिव्य दृष्टि के मिडिल ईस्ट में अपना दबदबा बनाए रख पाएगा? यह बड़ा सवाल अब पेंटागन के गलियारों में गूंज रहा है।
New image reportedly showing the USAF E-3 Sentry destroyed in an Iranian attack at Prince Sultan Airbase on Friday.
— OSINTtechnical (@Osinttechnical) March 29, 2026
Matches 81-0005, an E-3C seen deployed to the base in recent weeks. pic.twitter.com/zRVzzkEPeU
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