भारत अब रक्षा क्षेत्र में केवल एक खरीदार नहीं, बल्कि एक प्रमुख निर्यातक के रूप में वैश्विक पटल पर मजबूती से उभर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छू गया है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 62% से अधिक की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाता है।
चार साल में तीन गुना उछाल
रक्षा मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। 2021-22 में रक्षा निर्यात 12,814 करोड़ रुपये था, जो महज चार साल में तीन गुना बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले एक साल में ही निर्यात में 14,802 करोड़ रुपये की छलांग लगी है, जो भारत की स्वदेशी तकनीक पर बढ़ते वैश्विक भरोसे का प्रमाण है।
आत्मनिर्भर से ग्लोबल सप्लायर तक का सफर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता का श्रेय आत्मनिर्भर भारत , मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड की स्पष्ट रणनीति को दिया है। सरकार ने नीतिगत सुधारों, आसान लाइसेंसिंग और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देकर रक्षा उत्पादन के पुराने ढर्रे को बदल दिया है। आज भारत 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण भेज रहा है, जिनमें अमेरिका, फ्रांस, आर्मेनिया, फिलीपींस और इटली जैसे देश शामिल हैं।
सहयोग की नई मिसाल: सरकारी और निजी क्षेत्र
इस बड़ी सफलता में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का संतुलन देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल निर्यात में सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) की हिस्सेदारी 54.84% रही, जबकि निजी उद्योग ने 45.16% योगदान देकर अपनी क्षमता साबित की है। यह साझेदारी भारत को एक संतुलित और सक्षम रक्षा इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रही है।
ब्रह्मोस से रडार तक: तकनीक का लोहा
भारत अब केवल साधारण उपकरण ही नहीं, बल्कि हाई-टेक डिफेंस सिस्टम का निर्यात कर रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल, आर्टिलरी गन, रडार सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत के हथियारों की किफायती कीमत, विश्वसनीयता और युद्ध के मैदान में परखी गई तकनीक ही इसकी वैश्विक स्वीकार्यता का मुख्य आधार है।
भविष्य की ओर बढ़ता कदम
जानकारों का मानना है कि यह केवल एक अस्थायी उछाल नहीं है। आने वाले समय में ड्रोन, मिसाइल और एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की भूमिका और बढ़ेगी। अभी भी भारत दुनिया के बड़े रक्षा आयातकों में शामिल है, लेकिन तेजी से बढ़ता निर्यात यह स्पष्ट कर रहा है कि भारत अब वैश्विक रक्षा निर्माण के केंद्र (Global Defense Hub) के रूप में खुद को स्थापित कर चुका है।
Under the inspiring leadership of PM Shri @narendramodi, India is scripting an impressive defence exports success story!
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 2, 2026
India defence exports have touched a new all time high with a record ₹38,424 crore in FY 2025-26. It marks a robust 62.66% growth over the previous fiscal.… pic.twitter.com/eAAh1PYX7e
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