होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित बनाने और इसे दोबारा खोलने के उद्देश्य से गुरुवार को एक उच्च स्तरीय ऑनलाइन बैठक हुई। ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में भारत समेत दुनिया के करीब 60 देशों ने हिस्सा लिया, ताकि ईरान द्वारा वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने की कोशिशों को नाकाम किया जा सके।
भारत की सक्रिय भागीदारी इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने किया। भारत की उपस्थिति यह दर्शाती है कि इस क्षेत्र में उत्पन्न संकट को लेकर नई दिल्ली गंभीर है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ईरान का आक्रामक रवैया उन देशों के लिए भी खतरा है जो इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं। भारत पहले ही यूएन में इस पर अपनी कड़ी नाराजगी जता चुका है।
ग्लोबल इकोनॉमी पर सीधा हमला ब्रिटिश विदेश मंत्री ने ईरान की कार्रवाइयों को वैश्विक आर्थिक सुरक्षा पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान की लापरवाही ने न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार को ठप कर दिया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को भी गंभीर खतरे में डाल दिया है। ब्रिटेन का लक्ष्य इस संकट का कूटनीतिक समाधान निकालना है।
2,000 जहाजों की जेल आंकड़े बेहद डरावने हैं। अब तक इस मार्ग पर 25 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है। वर्तमान में लगभग 2,000 जहाजों पर सवार करीब 20,000 नाविक बीच समुद्र में फंसे हुए हैं। इस गतिरोध के कारण खाड़ी देशों से होने वाले व्यापार के साथ-साथ एशिया के लिए एलएनजी (LNG), अफ्रीका के लिए खाद और वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है।
गहराता ऊर्जा संकट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज का मार्ग जल्द नहीं खुला, तो दुनिया एक भयानक ऊर्जा संकट की ओर बढ़ जाएगी। यह स्थिति न केवल क्षेत्रीय तनाव बढ़ाएगी, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा साबित होगी। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 60 देशों का यह साझा दबाव ईरान को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर पाएगा।
Foreign Secretary Vikram Misri represented India at a meeting convened by the UK Foreign Secretary on the situation in West Asia. More than 60 countries participated in the meeting.
— ANI (@ANI) April 2, 2026
In his remarks at the meeting, the Foreign Secretary noted the importance of the principles of… pic.twitter.com/R1B6djgY8Q
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