यूक्रेन पर मंडराया संकट होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने के लिए नाटो देशों के असहयोग से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अब ट्रंप ने अपने यूरोपीय सहयोगियों पर दबाव बनाने के लिए यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य मदद रोकने की धमकी दी है। अगर ऐसा हुआ, तो पिछले चार सालों से रूस से लोहा ले रहे यूक्रेन के लिए अस्तित्व का संकट पैदा हो सकता है।
नाटो पर दबाव की रणनीति ट्रंप चाहते हैं कि नाटो देश कोएलिशन ऑफ द विलिंग बनाकर होर्मुज स्ट्रेट को ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में अमेरिका का साथ दें। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि सहयोगी देश इस मोर्चे पर साथ नहीं आते, तो वे नाटो की हथियार खरीद पहल (PURL) के लिए मिलने वाली अमेरिकी मदद को रोक देंगे।
होर्मुज स्ट्रेट: वैश्विक तेल संकट की जड़ होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ईरान द्वारा इस जलमार्ग को बंद किए जाने के बाद से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। कई यूरोपीय देश इसे अपना युद्ध मानने से इनकार कर रहे हैं, जिससे ट्रंप और नाटो के बीच दूरियां बढ़ गई हैं।
मार्क रूटे की दौड़-धूप ट्रंप की धमकी के बाद नाटो महासचिव मार्क रूटे हरकत में आ गए हैं। रूटे अब फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे प्रमुख देशों को एक संयुक्त बयान जारी करने के लिए मना रहे हैं, ताकि होर्मुज में सुरक्षा सुनिश्चित कर ट्रंप को शांत किया जा सके। यह स्पष्ट है कि यूक्रेन की सुरक्षा अब होर्मुज में नाटो के दखल पर निर्भर हो गई है।
कागजी शेर बना नाटो? ट्रंप लगातार नाटो की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने नाटो को कागजी शेर तक कह दिया है और बार-बार यह आरोप लगाया है कि यूरोपीय देश अमेरिका की सुरक्षा के बदले कुछ नहीं दे रहे हैं। हालांकि अमेरिकी संविधान के तहत नाटो से पूरी तरह बाहर निकलना ट्रंप के लिए आसान नहीं है, लेकिन यूक्रेन की सैन्य आपूर्ति बंद कर वे नाटो सहयोगियों के लिए बड़ी मुसीबत जरूर खड़ी कर सकते हैं।
पुतिन को होगा सीधा फायदा ट्रंप के इस कदम से सबसे अधिक लाभ रूस को मिलने के आसार हैं। यदि यूक्रेन को मिलने वाले हथियारों की खेप रुकती है, तो पुतिन के लिए युद्ध के मैदान में बढ़त बनाना और भी आसान हो जाएगा। एक तरफ होर्मुज का तनाव और दूसरी तरफ यूक्रेन की अनिश्चितता, ट्रंप का यह दांव भू-राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलने वाला साबित हो सकता है।
FT Exclusive: Officials familiar with the discussions said that the US president threatened to stop supplies to Nato’s weapons procurement initiative for Ukraine. https://t.co/NA8XhsBhyn pic.twitter.com/aWhxAJmdQH
— Financial Times (@FT) April 1, 2026
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