54 साल का सूखा खत्म: चांद की ओर बढ़ा इंसान, ऐतिहासिक उड़ान भरते ही गूंजा आर्टेमिस-2 का शोर
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अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। 1972 के बाद पहली बार इंसान ने पृथ्वी की कक्षा को पार कर चंद्रमा की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। नासा के आर्टेमिस-2 मिशन ने फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक उड़ान भरकर एक लंबी खामोशी को तोड़ दिया है।

रोंगटे खड़े कर देने वाला लिफ्ट-ऑफ

भारतीय समयानुसार सुबह 3:54 बजे दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट SLS (Space Launch System) ने जैसे ही उड़ान भरी, केनेडी स्पेस सेंटर का लॉन्च पैड 39B नारंगी रोशनी से जगमगा उठा। रॉकेट की गड़गड़ाहट से मीलों दूर तक जमीन कांप गई। लॉन्च के 8 मिनट के भीतर ही ओरियन कैप्सूल पृथ्वी की कक्षा में सुरक्षित पहुंच गया।

अंतरिक्ष यात्रियों का पहला संदेश

पृथ्वी की कक्षा में स्थिर होते ही मिशन कमांडर रीड वाइसमैन ने मिशन कंट्रोल को पहला संदेश भेजा— इंटेग्रिटी (ओरियन) पर सूरज उग रहा है। अंतरिक्ष में अपनी यात्रा शुरू करते ही मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच ने सबसे पहले लाइफ-सपोर्ट सिस्टम और टॉयलेट को ऑपरेशनल किया, ताकि 10 दिनों के इस लंबे सफर में क्रू को कोई असुविधा न हो।

एक अद्भुत नज़ारा: बादलों के ऊपर रॉकेट

इस लॉन्च की एक रोमांचक फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फ्लोरिडा के ऊपर से गुजर रहे एक कमर्शियल विमान के यात्री ने अपनी खिड़की से आर्टेमिस-2 को बादलों को चीरते हुए अंतरिक्ष की ओर जाते हुए रिकॉर्ड किया। ऐसी तस्वीरें बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं।

इतिहास रचने वाले वे 4 जांबाज

आर्टेमिस-2 मिशन में चार दिग्गज एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं:

अगले 10 दिनों का मिशन प्लान

आज का दिन एस्ट्रोनॉट्स ओरियन कैप्सूल को मैन्युअल तरीके से चलाने की दक्षता परखने में बिताएंगे। 3 अप्रैल को ओरियन का इंजन दोबारा सक्रिय होगा, जो इसे सीधे चांद की कक्षा की ओर धकेलेगा। यह टीम चंद्रमा की सतह से महज 7,600 किमी की दूरी से गुजरेगी और चंद्रमा के उस हिस्से (Far Side) तक जाएगी, जहां अब तक कोई इंसान नहीं पहुंच सका है।

भविष्य की तैयारी: मंगल तक का सफर

यह मिशन केवल चांद के चक्कर लगाने तक सीमित नहीं है। आर्टेमिस-2 का मुख्य उद्देश्य भविष्य में चंद्रमा पर बेस बनाने और वहां से मंगल ग्रह की यात्रा शुरू करने की नींव रखना है। साथ ही, यह पहली बार होगा जब अंतरिक्ष से 4K क्वालिटी का डेटा धरती पर भेजा जाएगा, जो अपोलो मिशन के धुंधले वीडियो से कहीं अधिक उन्नत है। इंसान का यह अगला बड़ा कदम मानवता को ब्रह्मांड में और आगे ले जाने के लिए तैयार है।

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