नीतीश कुमार का इस्तीफा: जीतन राम मांझी ने नीतीश को बताया बेजोड़ , बिहार की राजनीति में मची हलचल
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद राज्य की सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। इस घटनाक्रम पर पूर्व मुख्यमंत्री और एनडीए सहयोगी जीतन राम मांझी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मांझी ने भोजपुरी अंदाज में लिखा, तहरा जईसन केहू नईखें, तू बे-जोड़ बाड़ा हो... आपके मार्गदर्शन से ही बिहार चलेगा नीतीश जी। आप इस नए बिहार के सृजनकर्ता हैं। मांझी का यह बयान नीतीश के प्रति उनके समर्थन और भविष्य की राजनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

अटकलों का दौर: मुख्यमंत्री कौन? नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब नए सीएम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जद (यू) के करीबी नेताओं का कहना है कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य रहे भी कोई व्यक्ति छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है। राज्य के वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार के बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

खरमास के बाद होगा सत्ता परिवर्तन? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नेतृत्व में बड़ा बदलाव खरमास (14 अप्रैल) के बाद ही संभव है। जद (यू) अपने सहयोगी बीजेपी से कड़ा मोल-भाव करने की तैयारी में है। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार अगले महीने राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ले सकते हैं, लेकिन उनका सत्ता में बने रहना अनिश्चित है।

बीजेपी खेमे में उत्साह, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बीजेपी के भीतर अपने मुख्यमंत्री को लेकर भारी उत्साह है। दो दशकों से गठबंधन में शामिल रहने के बावजूद बीजेपी को अब तक बिहार में अपना मुख्यमंत्री नहीं मिला है। संभावित दावेदारों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। सम्राट चौधरी कोइरी समुदाय से आते हैं, जो राज्य में एक बड़ा ओबीसी वोटबैंक है।

नित्यानंद राय और संघ का पेंच सम्राट चौधरी के अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी मुख्यमंत्री की रेस में है। चर्चा है कि सम्राट चौधरी को संघ (RSS) का वह समर्थन शायद न मिल पाए जिसकी उन्हें उम्मीद है, क्योंकि उनका राजनीतिक करियर जेडीयू और आरजेडी में लंबा रहा है।

निशांत कुमार की एंट्री और दिल्ली का फैसला सूत्रों के अनुसार, नए मुख्यमंत्री का अंतिम निर्णय दिल्ली स्थित बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व ही लेगा। राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा जा रहा है कि कोई चौंकाने वाला नाम भी सामने आ सकता है। वहीं, जद (यू) ने भी अपनी धमक बनाए रखने के लिए नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने की अटकलों को हवा दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दिल्ली का नेतृत्व बिहार की सत्ता की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा।

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