बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता नितिन नवीन ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक नियमों का पालन करते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है।
संवैधानिक बाध्यता और इस्तीफे की प्रक्रिया संवैधानिक नियमों के अनुसार, यदि कोई विधायक उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए निर्वाचित होता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर अपनी विधानसभा सीट छोड़नी होती है। नितिन नवीन 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए थे, और आज (30 मार्च) समय सीमा पूरी होने पर उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया।
भावुक हुए नितिन नवीन इस्तीफा देने के बाद नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने जनवरी 2006 में अपने पिता और वरिष्ठ नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद शुरू हुए अपने राजनीतिक सफर को याद किया। उन्होंने कहा, बांकीपुर की देवतुल्य जनता ने मुझे लगातार 5 बार अपना प्रतिनिधि चुनकर जो आशीर्वाद दिया, वह मेरे लिए अमूल्य है।
20 साल का लंबा सफर नितिन नवीन ने अप्रैल 2006 में पटना पश्चिम से उपचुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि पिछले 20 वर्षों में उन्होंने इस क्षेत्र को हमेशा अपने परिवार की तरह माना है। अब वे संसद के उच्च सदन में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सीएम नीतीश कुमार ने भी छोड़ी विधान परिषद की सदस्यता इस घटनाक्रम के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने आवास पर विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को अपना त्यागपत्र सौंपा। नीतीश कुमार 2004 के बाद से लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। राज्यसभा निर्वाचन के बाद अब वे भी नई भूमिका के लिए तैयार हैं।
*बांकीपुर और बिहार के मेरे सभी परिवारजन एवं कार्यकर्ता साथी,
— Nitin Nabin (@NitinNabin) March 30, 2026
जनवरी 2006 में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और दिनांक 27 अप्रैल 2006 को मैं पहली बार पटना पश्चिम क्षेत्र से निर्वाचित होकर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत… pic.twitter.com/IHhLpd0aJD
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