ईरान पर हमले के एक महीने बाद तनाव अपने चरम पर है। पिछले दो दशकों में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी अब तक की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती की है। 3,500 मरीन और नाविकों के साथ यूएसएस त्रिपोली युद्धपोत क्षेत्र में पहुंच चुका है, जो सीधे तौर पर बड़े सैन्य बदलाव का संकेत है।
सेंटकॉम ने की पुष्टि, मरीन बल तैयार यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक जानकारी दी है कि 27 मार्च को यूएसएस त्रिपोली (LHA 7) मिडिल ईस्ट के कार्यक्षेत्र में पहुंच गया है। इस जहाज पर सवार सैनिक पहले जापान में तैनात थे और ताइवान के करीब युद्धाभ्यास कर रहे थे, लेकिन दो हफ्ते पहले ही उन्हें आपातकालीन आदेश देकर मिडिल ईस्ट बुलाया गया।
बढ़ रहा है सैनिकों का जमावड़ा ये 3,500 अतिरिक्त सैनिक पहले से वहां तैनात 50,000 अमेरिकी सैनिकों की टुकड़ी में शामिल हो गए हैं। सिर्फ त्रिपोली ही नहीं, बल्कि यूएसएस बॉक्सर और दो अन्य जहाजों को भी सैन डिएगो से रवाना किया गया है। इन जहाजों में आधुनिक फाइटर जेट, एम्फीबियस असॉल्ट और भारी टैक्टिकल साजो-सामान मौजूद है।
ट्रंप की शांति वार्ता बनाम ग्राउंड ऑपरेशन की आशंका एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति वार्ता की बात कर रहे हैं और ईरान के खिलाफ किसी भी ग्राउंड ऑपरेशन से इनकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह भारी तैनाती विरोधाभासी है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप अपने सभी रणनीतिक विकल्प खुले रखना चाहते हैं ताकि दबाव बनाया जा सके।
खार्ग द्वीप बन सकता है अगला निशाना? सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में मरीन और असॉल्ट फोर्स का इस्तेमाल कहां होगा? रिपोर्टों के अनुसार, इन सैनिकों को ऐसी रणनीतिक लोकेशन पर तैनात करने की संभावना है, जहां से ईरान के महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर हमला करना आसान हो। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक तैनाती की सटीक जगह का खुलासा नहीं किया है।
युद्ध का बढ़ता दायरा ईरान के खिलाफ शुरू हुई यह लड़ाई अब एक खतरनाक मोड़ पर है। अगर अमेरिका वाकई में ग्राउंड ऑपरेशन (जमीनी हमला) की योजना बना रहा है, तो यह मिडिल ईस्ट के मौजूदा सुरक्षा समीकरण को पूरी तरह बदल सकता है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्या यह केवल दबाव की राजनीति है या फिर युद्ध का एक नया और विनाशकारी चरण।
U.S. Sailors and Marines aboard USS Tripoli (LHA 7) arrived in the U.S. Central Command area of responsibility, March 27. The America-class amphibious assault ship serves as the flagship for the Tripoli Amphibious Ready Group / 31st Marine Expeditionary Unit composed of about… pic.twitter.com/JFWiPBbkd2
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 28, 2026
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