इजरायली टैंकों का कब्रिस्तान बना लेबनान: 100 मर्केवा टैंक तबाह, इजरायल को अरबों का झटका
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लेबनान में इजरायल के जमीनी सैन्य अभियान के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि पिछले तीन हफ्तों में उसने इजरायल के करीब 100 मर्केवा टैंकों को नष्ट कर दिया है। इसे सैन्य विशेषज्ञों ने मर्केवा नरसंहार का नाम दिया है।

क्या है मर्केवा टैंकों का नुकसान? इजरायल का गर्व माना जाने वाला मर्केवा टैंक न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि महंगा भी है। एक मर्केवा टैंक की अनुमानित कीमत 6 मिलियन डॉलर (करीब 50 करोड़ रुपये) है। 100 टैंकों के नष्ट होने का मतलब है कि इजरायल को न केवल भारी सैन्य क्षति हुई है, बल्कि आर्थिक रूप से भी उसे अरबों का नुकसान उठाना पड़ा है।

कैसे निशाना बना रहे हिजबुल्लाह के लड़ाके? हिजबुल्लाह इन टैंकों को तबाह करने के लिए गाइडेड मिसाइलों और ड्रोन का प्रभावी इस्तेमाल कर रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि हिजबुल्लाह जिन मिसाइलों का उपयोग कर रहा है, उनकी कीमत कुछ हजार डॉलर ही है। एक तरफ जहां टैंक बनाने में दो साल का समय और करोड़ों का खर्च आता है, वहीं हिजबुल्लाह के पास इन्हें नष्ट करने की तकनीक कम समय में और सस्ते में उपलब्ध है।

मर्केवा नरसंहार की यादें ताजा सैन्य विश्लेषक इसे 2006 के युद्ध की याद दिलाता हुआ मान रहे हैं। उस समय भी हिजबुल्लाह ने 25 मर्केवा टैंक नष्ट कर इजरायली सेना को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया था। इस बार भी हिजबुल्लाह की रणनीति आक्रामक है। अकेले पिछले 24 घंटों में 21 और उसके बाद 20 टैंकों को निशाना बनाकर हिजबुल्लाह ने अपनी वापसी के संकेत दे दिए हैं।

युद्ध के बदलते समीकरण इजरायल ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन टैंकों के नुकसान की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, दक्षिणी लेबनान के डेबेल, अल-कंतारा, तैबेह और डेर सिरियन जैसे इलाकों में लगातार हो रहे हमलों ने इजरायली सैन्य रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व के खात्मे के बावजूद, जमीनी स्तर पर संगठन का यह पलटवार इजरायल के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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