ईरान-लेबनान युद्ध के बीच नेतन्याहू पर चौतरफा हमला, विपक्ष ने दी चेतावनी: IDF पतन के कगार पर
News Image

ईरान और लेबनान के साथ जारी संघर्ष के बीच इजरायल के भीतर राजनीतिक संकट गहरा गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। मुख्य विपक्षी नेता यायर लापिड ने चेतावनी दी है कि इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) अपनी क्षमता की सीमा पार कर चुकी है और सेना पतन की कगार पर है।

सेना अंदर से टूट सकती है , IDF चीफ की चेतावनी विपक्षी हमले की पृष्ठभूमि में IDF चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर का बयान बेहद गंभीर है। उन्होंने सुरक्षा कैबिनेट को आगाह किया है कि सैनिकों की भारी कमी और युद्ध के निरंतर दबाव के कारण सेना का ढांचा बिखर सकता है। सैन्य प्रमुख ने स्पष्ट किया कि यदि भर्ती कानूनों और रिजर्व ड्यूटी को लेकर तत्काल कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो सेना का रिजर्व सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाएगा।

सरकार पर रणनीतिहीनता का आरोप विपक्षी दल यश अतिद के प्रमुख यायर लापिड ने सरकार पर सेना को जख्मी अवस्था में रणभूमि में छोड़ने का आरोप लगाया है। लापिड ने कहा कि सरकार के पास न तो कोई स्पष्ट रणनीति है और न ही पर्याप्त सैनिक। उन्होंने इसे इजरायल की सुरक्षा के लिए एक और बड़ी आपदा करार दिया है। लापिड के अनुसार, IDF के लड़ाके और पायलट असाधारण साहस दिखा रहे हैं, लेकिन उन्हें संसाधन विहीन युद्ध में झोंक दिया गया है।

थकान से जूझ रहे रिजर्व सैनिक IDF चीफ ने कैबिनेट को बताया कि रिजर्व सैनिकों को बार-बार मोर्चे पर बुलाने के कारण वे पूरी तरह थक चुके हैं। इस समय रिजर्व सैनिक अपने छठे या सातवें दौर की ड्यूटी कर रहे हैं, जो उनकी सहनशक्ति से बाहर है। लापिड ने कहा कि नियमित सेना भी पतन की स्थिति में है और अभियानों के लिए पर्याप्त सैनिक उपलब्ध नहीं हैं।

नेतन्याहू जिम्मेदारी से नहीं बच सकते लापिड ने नेतन्याहू को साफ चेतावनी दी कि वे अब यह नहीं कह पाएंगे कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। यह चेतावनी उसी चीफ ऑफ स्टाफ ने दी है, जिसे नेतन्याहू ने खुद नियुक्त किया है। विपक्षी नेता ने कहा कि सरकार को अपनी कायरतापूर्ण राजनीति छोड़नी होगी।

अति-रूढ़िवादी समुदाय की भर्ती की मांग विपक्ष ने मांग की है कि सरकार को अब अति-रूढ़िवादी हरेदी समुदाय के लोगों को अनिवार्य रूप से सेना में भर्ती करना चाहिए। लापिड ने जोर देकर कहा कि युद्ध के समय अपनी छोटी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करना बंद किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जो कुछ भी होगा, उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नेतन्याहू की होगी।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ईरान की मिसाइलों पर थैंक्यू इंडिया : इजरायल पर 83वीं लहर का जोरदार हमला

Story 1

‘धुरंधर’ का जलवा बरकरार: अब घर बैठे टीवी पर मचेगा धमाका, जानिए कब और कहाँ देखें

Story 1

क्या शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला करेंगे ट्रंप? पेंटागन का पिज्जा मीटर दे रहा खतरनाक संकेत

Story 1

रामनवमी पर अयोध्या में अद्भुत चमत्कार: रामलला का हुआ दिव्य सूर्य तिलक

Story 1

IPL 2026: कमेंट्री बॉक्स में अश्विन और उमेश यादव की एंट्री, दिग्गजों से सजा मेगा इवेंट का पैनल

Story 1

PSL 2026: खराब जर्सी के कारण सफेद गेंद बनी गुलाबी, पहले ही मैच में हुई किरकिरी

Story 1

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में गूंजे खामेनेई के नारे, इजराइल और अमेरिका के खिलाफ हुआ जोरदार प्रदर्शन

Story 1

उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज: 36 जिलों में 6 दिन के लिए IMD का अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल

Story 1

क्या भारत में खत्म होने वाला है ईंधन? जानें 9 दिन के तेल वाले वायरल दावे की सच्चाई

Story 1

हॉर्मुज के बाद अब आंसुओं के द्वार पर संकट: क्या ईरान बंद कर देगा दुनिया की तेल की सप्लाई?