तेल-गैस की किल्लत में अफवाह की मिलावट: लंबी लाइनों का सच और जमाखोरों का काला खेल
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ईरान और खाड़ी देशों के बीच जारी तनाव ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आहट दे दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर मंडराते खतरे के कारण दुनिया के कई देशों में एनर्जी इमरजेंसी जैसे हालात हैं। हालांकि, भारत के पास अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है और सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद देश में एक अलग ही आपातकाल दिखाई दे रहा है— अफवाह वाली इमरजेंसी ।

पेट्रोल पंपों पर अफरातफरी और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार

सरकार के दावों के विपरीत, देश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग दहशत में आकर पेट्रोल-डीजल जमा करने के लिए बाल्टियों, गैलन और यहां तक कि पानी की बड़ी टंकियों तक के साथ पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक व्यक्ति का पानी की टंकी लेकर पेट्रोल भरवाने पहुंचना इस भीड़तंत्र और फैली हुई अफवाहों का जीता-जागता उदाहरण है।

जमाखोरों और मुनाफाखोरों की चांदी

अफवाहों की इस लहर का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं। लखनऊ से लेकर भोपाल और पटना तक, जमाखोरों ने आपदा को अवसर में बदल दिया है। कहीं पेट्रोल की कृत्रिम कमी दिखाकर उसे अधिक दामों पर बेचा जा रहा है, तो कहीं गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही है।

भोपाल में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जहां एक अवैध रिफ्यूलिंग सेंटर पर एक एम्बुलेंस में गैस भरी जा रही थी। एम्बुलेंस में मरीज के साथ ऑक्सीजन टैंक भी मौजूद था, जो किसी भी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने के लिए काफी था। नियमों को ताक पर रखकर कमर्शियल सिलेंडर से घरेलू सिलेंडरों में गैस भरने का अवैध खेल बेखौफ जारी है।

प्रशासन का एक्शन और मिलीभगत का सच

कई शहरों में पेट्रोल पंप मालिकों ने मनमानी शुरू कर दी है। भोपाल में एक पेट्रोल पंप ने पेट्रोल की सीमा (लिमिट) तय कर दी थी, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए उसे सील कर दिया। वहीं, पटना में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करते हुए एक कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़ा गया, लेकिन स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत के कारण वह फरार होने में कामयाब रहा। यह दर्शाता है कि इस अफवाह वाली इमरजेंसी के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है।

ऑपरेशन के जरिए लगाम

इन तमाम अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। जहां-जहां जमाखोरी और कालाबाजारी की सूचना मिल रही है, वहां प्रशासन को सूचित कर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पेट्रोल पंपों पर तेल न देने या गैस एजेंसियों द्वारा मनमानी करने के मामलों में वीडियो सबूतों के आधार पर सख्त एक्शन लिए जा रहे हैं।

सतर्क रहें, अफवाहों पर न दें ध्यान

आम जनता से अपील है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों का शिकार न बनें। देश में तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक है और बेवजह की जमाखोरी से न केवल आप अपनी सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं, बल्कि व्यवस्था को भी बाधित कर रहे हैं। यदि आपको कहीं भी तेल या गैस की कालाबाजारी दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें और नियमों का पालन करें। याद रखें, आपकी सतर्कता ही इस अफवाह वाली आपदा का एकमात्र समाधान है।

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