मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अपने 27वें दिन में बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी जंग में अब बड़े सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे तनाव चरम पर है।
ईरान का बड़ा हमला, इजरायल का पलटवार बृहस्पतिवार को ईरान ने इजरायल के मिलिट्री कमांड सेंटर और परमाणु बुनियादी ढांचे से संबंधित उद्योगों को निशाना बनाया। इस हमले के जवाब में इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान के नेवी कमांडर अली रजा तंगसीरी को मार गिराया है। इस दावे ने क्षेत्र में सैन्य हलचल को और तेज कर दिया है।
सीजफायर प्रस्ताव खारिज, ट्रंप का नया दावा ईरान ने अमेरिका द्वारा पेश किए गए सीजफायर प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इसके विपरीत, ईरान ने अमेरिका को अपना एक नया काउंटर प्रस्ताव सौंपा है, जिससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें फिलहाल धूमिल नजर आ रही हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी नेतृत्व आंतरिक दबाव के बावजूद अमेरिका के साथ डील करने की कोशिश में जुटा है।
जर्मनी ने बनाई दूरी इस युद्ध के बीच जर्मनी के रक्षामंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस युद्ध में शामिल नहीं होगा। जर्मनी ने किसी भी सैन्य संलिप्तता से साफ इनकार करते हुए शांति पर जोर दिया है।
ईरान का मित्र देश कार्ड ईरान ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए भारत, चीन और रूस को अपना साथी बताया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उसके दोस्त देशों के लिए खुला रहेगा, जबकि इजरायल और अमेरिका के सहयोगियों के लिए इसे बंद रखा गया है। यह घोषणा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।
हिज्बुल्लाह के रॉकेट और खाड़ी में अशांति जमीनी हकीकत भी बेहद गंभीर बनी हुई है। तेल अवीव सहित इजरायल के कई शहरों में हवाई हमलों के सायरन लगातार बज रहे हैं, जिसका कारण लेबनान से हिज्बुल्लाह द्वारा दागे गए रॉकेट्स को माना जा रहा है। दूसरी ओर, बहरीन के मनामा में स्थित मुहर्रक इलाके में भीषण आग लगने की घटना ने खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल, मध्य-पूर्व में सैन्य और कूटनीतिक मोर्चे पर अनिश्चितता बनी हुई है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकलता है या संघर्ष का दायरा और बढ़ेगा।
Iran targeted the military command control center of the Zionist regime and the industries related to its nuclear infrastructure in the 82nd wave of the Operation True Promise 4.
— Press TV 🔻 (@PressTV) March 26, 2026
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