सेना के जांबाजों को रेलवे का बड़ा सम्मान: अब जीवनभर मिलेगा मुफ्त सफर और नौकरियों में खास कोटा
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भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले और वीरता का परिचय देने वाले जांबाजों को अब भारतीय रेलवे में जीवनभर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।

पदक विजेताओं के लिए मुफ्त सफर की सौगात

सरकार के नए आदेश के अनुसार, गैलेंट्री अवार्ड (Gallantry Awards) से सम्मानित सैनिकों को भारतीय रेलवे की फर्स्ट क्लास, 2 AC और AC चेयर कार में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

यह सम्मान केवल विजेताओं तक सीमित नहीं है। इस सुविधा का लाभ उनके जीवनसाथी (पति/पत्नी) और एक सहायक (Companion) भी उठा सकेंगे। इसके अलावा, शहीद सैनिकों के अविवाहित होने की स्थिति में उनके माता-पिता को भी इस सम्मान और यात्रा सुविधा का पात्र बनाया गया है।

अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के पुनर्वास की योजना

रेलवे और भारतीय सेना ने एक सहयोग का ढांचा (Framework of Cooperation) तैयार किया है। इसका उद्देश्य सेना से रिटायर होने वाले जवानों और अग्निवीरों को सिविलियन लाइफ (नागरिक जीवन) में आसानी से स्थापित करना है।

इस पहल के तहत रिटायर होने वाले जवानों को रेलवे में नौकरी के अवसरों के प्रति जागरूक किया जाएगा और उनके लिए एक विशेष सपोर्ट सिस्टम काम करेगा।

रेलवे भर्तियों में आरक्षण का बड़ा प्रावधान

पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए रेलवे ने अपनी भर्ती नीति में आरक्षण का कोटा निर्धारित किया है:

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 में रेलवे ने पूर्व सैनिकों के लिए 14,788 पद सुरक्षित किए हैं, जिनकी भर्ती RRB और RRC के माध्यम से की जा रही है।

तत्काल रोजगार: प्वॉइंट्समैन के रूप में नियुक्ति

नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक रिक्त पदों को भरने के लिए रेलवे ने पूर्व सैनिकों को प्वॉइंट्समैन (Pointsmen) के तौर पर कॉन्ट्रैक्ट पर रखने का निर्णय लिया है। वर्तमान में 5,000 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जोनल स्तर पर शुरू हो चुकी है, जिसके लिए 9 रेलवे डिवीजनों ने सेना के साथ समझौता (MoU) किया है।

सेना और रेलवे की रणनीतिक साझेदारी

सरकार का मानना है कि सेना के जवानों का परिचालन और प्रबंधकीय अनुभव रेलवे के तंत्र को मजबूती प्रदान करेगा। कौशल विकास के लिए गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ भी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक जैसी परियोजनाएं सैन्य रसद (Logistics) के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह पहल न केवल सैनिकों को सम्मान दे रही है, बल्कि रेलवे को अनुशासित और कुशल कार्यबल भी प्रदान कर रही है।

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