मध्य पूर्व संकट: पीएम मोदी ने चेताया, भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां , सतर्क रहने की जरूरत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में मध्य पूर्व में जारी संघर्ष पर विस्तार से चर्चा की। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत फिलहाल अप्रत्याशित चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि संघर्ष के गहरे आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय प्रभाव पड़ने की आशंका है।

आर्थिक और सुरक्षा मोर्चे पर सतर्कता प्रधानमंत्री ने होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही में आ रही बाधाओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। हालांकि, देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक कच्चे तेल का रिजर्व है और अतिरिक्त 65 लाख मीट्रिक टन क्षमता पर काम चल रहा है।

इथेनॉल और वैकल्पिक ईंधन बनेगा ढाल पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में इथेनॉल ब्लेंडिंग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर दिए गए जोर का लाभ अब मिल रहा है। पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण से भारत ने साढ़े चार करोड़ बैरल तेल आयात कम किया है। रेलवे के विद्युतीकरण से भी प्रति वर्ष 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हो रही है।

नागरिकों की सुरक्षित वापसी युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने पर पीएम ने कहा कि अब तक 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं, जिनमें ईरान से आए 1000 लोग भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन वहां फंसे लोगों और पर्यटकों के साथ चौबीसों घंटे संपर्क में है।

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि संकट के समय कुछ तत्व अफवाहें फैला सकते हैं और जमाखोरी कर सकते हैं। राज्यों को कालाबाजारियों पर कड़ी निगरानी रखने और त्वरित कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। उन्होंने साइबर, तटीय और सीमा सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा है।

किसानों को खाद की चिंता नहीं फर्टिलाइजर सप्लाई प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच पीएम ने किसानों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले वर्षों में यूरिया और डीएपी का उत्पादन बढ़ाया है। साथ ही, नैनो यूरिया और सोलर पंपों के माध्यम से किसानों की निर्भरता कम की गई है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वैश्विक संकट का बोझ किसानों पर न पड़े।

संसद में चर्चा की मांग प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि पीएम ने स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें। उन्होंने जोर दिया कि सरकार को विपक्ष के सुझावों को भी सुनना चाहिए।

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