दुनिया भर के मेटल बाजार में इस वक्त कुछ बेहद असामान्य और चौंकाने वाला घट रहा है। आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव के समय सोना और चांदी सेफ हेवन (सुरक्षित ठिकाना) माने जाते हैं और इनकी कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह उलटी है।
हाल ही में केवल 3 घंटे के भीतर सोने और चांदी की वैल्यू में करीब 2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक) की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट सामान्य बाजार सुधार नहीं, बल्कि एक बड़े बदलाव का संकेत है।
परंपरागत रूप से, भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौरान निवेशक सोने की ओर भागते हैं। हालांकि, इस बार तनाव के बावजूद सोने में 5.38% और चांदी में 8.55% की तेज गिरावट देखी गई। यह इस बात का प्रमाण है कि बाजार के पुराने पैटर्न अब काम नहीं कर रहे हैं।
| मेटल | कीमत (USD/OZ) | बदलाव (%) | | :--- | :--- | :--- | | चांदी | 62.0950 | -8.55% | | सोना | 4,250.205 | -5.38% |
इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़ने से निवेशकों को बॉन्ड में बेहतर रिटर्न मिल रहा है। चूँकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए निवेशक अब सोने के बजाय बॉन्ड को अधिक तरजीह दे रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया है।
बाजार में जब भारी दबाव बनता है, तो बड़े निवेशक अपनी लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए सबसे तरल (Liquid) एसेट्स को बेचते हैं। सोना और चांदी को बेचना सबसे आसान होता है। मार्जिन कॉल को पूरा करने या अपने नुकसान को कवर करने के लिए बड़े फंड्स द्वारा की गई अंधाधुंध बिकवाली ने इस गिरावट को और गहरा कर दिया है।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव ने महंगाई का डर पैदा कर दिया है। अगर महंगाई बढ़ती है, तो ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं। यह डॉलर को मजबूत करता है और सोने के लिए नकारात्मक साबित होता है।
अब सोना सेफ हेवन के बजाय शेयर बाजार के एक सामान्य रिस्क-एसेट की तरह व्यवहार कर रहा है। निवेशकों को स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि अब बाजार खबरों से नहीं, बल्कि ब्याज दरों, लिक्विडिटी और बॉन्ड यील्ड के गणित से चल रहा है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे पुरानी रणनीतियों को छोड़कर नए मैक्रो-इकोनॉमिक संकेतों पर नजर रखें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।
Something very strange is happening in precious metals right now:
— The Kobeissi Letter (@KobeissiLetter) March 23, 2026
In just 3 hours, gold and silver just erased a combined -$2 TRILLION in market cap.
Meanwhile, oil prices have erased their gains on the day and US stock market futures are nearly green.
Since the Iran War… pic.twitter.com/zP43wSr9wE
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