सोने और चांदी की चमक अचानक फीकी पड़ गई है। कुछ समय पहले तक आसमान छूने को बेताब इन कीमती धातुओं की कीमतों में पिछले हफ्ते 40 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों ने कुछ ही घंटों के भीतर सोने और चांदी से 2 ट्रिलियन डॉलर (करीब 185 लाख करोड़ रुपये) निकाल लिए हैं, जिसने वैश्विक बाजार को सकते में डाल दिया है।
संकट के समय उलट चाल आम तौर पर, भू-राजनीतिक तनाव या युद्ध की स्थिति में सोने और चांदी की मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं। लेकिन ईरान संकट के समय सब कुछ इसके विपरीत हो रहा है। कीमती धातुओं में बिना किसी ठोस कारण के भारी बिकवाली देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेटल बाजार में कोई बहुत बड़ा बदलाव होने वाला है।
क्यों सोने से दूरी बना रहे निवेशक? ग्लोबल एजेंसी कोबिसी लेटर की रिपोर्ट के अनुसार, तेल बाजार में भारी उठापटक और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण निवेशक सोने के बजाय बॉन्ड की ओर आकर्षित हो रहे हैं। 10 साल के बॉन्ड यील्ड में हालिया उछाल ने सोने की चमक को फीका कर दिया है, क्योंकि निवेशक वहां बेहतर रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं।
शेयर बाजार के नुकसान की भरपाई बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में जारी बिकवाली का एक बड़ा कारण शेयर बाजार में हुआ नुकसान है। संस्थागत निवेशक अपने पोर्टफोलियो के घाटे को पाटने के लिए सोने और चांदी से पैसा निकाल रहे हैं। वे ऐसी संपत्तियों में पूंजी लगा रहे हैं जहाँ से तत्काल मुनाफा मिल सके या जहां जोखिम कम हो।
महंगाई और ब्याज दर का डर तेल की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ने का संकेत दे रही हैं, जिससे आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। यह स्थिति बॉन्ड यील्ड को और मजबूत करेगी, जो सोने की कीमतों पर और अधिक दबाव डालेगी।
सेफ हेवन से रिस्की एसेट बना सोना? युद्ध और तेल संकट के कारण वैश्विक स्तर पर लिक्विडिटी (तरलता) की समस्या पैदा हो रही है। अब सोना निवेशकों के लिए सेफ हेवन (सुरक्षित ठिकाना) के बजाय एक रिस्की निवेश बनता जा रहा है। जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ेगा, डॉलर और बॉन्ड यील्ड की मजबूती सोने के लिए नई चुनौतियां खड़ी करती रहेगी। निवेशकों के लिए फिलहाल यह बाजार बहुत ही अनिश्चित और अस्थिर बना हुआ है।
Something very strange is happening in precious metals right now:
— The Kobeissi Letter (@KobeissiLetter) March 23, 2026
In just 3 hours, gold and silver just erased a combined -$2 TRILLION in market cap.
Meanwhile, oil prices have erased their gains on the day and US stock market futures are nearly green.
Since the Iran War… pic.twitter.com/zP43wSr9wE
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