2027 चुनाव: क्या बीजेपी से दूरी बना रहे हैं संजय निषाद? गठबंधन पर दिया बड़ा बयान
News Image

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर निषाद पार्टी के रुख को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राज्य के मत्स्य विकास मंत्री संजय निषाद ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति और एनडीए (NDA) गठबंधन के भविष्य पर खुलकर बात की है।

बीजेपी के साथ गठबंधन पर क्या बोले निषाद? संजय निषाद ने साफ किया कि उनकी पार्टी और बीजेपी के बीच का रिश्ता विश्वास की नींव पर टिका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और वंचित वर्गों को मिल रहे सम्मान की सराहना की। हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी। निषाद ने कहा कि उनका समर्थन तब तक जारी रहेगा जब तक बीजेपी की तरफ से उनके लिए दरवाजे खुले हैं।

सपा के लिए दरवाजे हमेशा के लिए बंद जब उनसे समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। निषाद ने स्पष्ट किया कि अतीत में वे सपा के साथ रह चुके हैं, लेकिन उस दौरान उन्हें वहां कोई सम्मान नहीं मिला और उनके लिए पार्टी के दरवाजे बंद कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि दोबारा सपा के साथ जाने का कोई औचित्य नहीं बनता।

आरक्षण ही सबसे बड़ा मुद्दा संजय निषाद ने दोहराया कि उनकी पार्टी की राजनीति का केंद्र हमेशा आरक्षण रहा है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज का हित ही उनकी प्राथमिकता है और वे इस मुद्दे पर लगातार केंद्र और राज्य सरकार के साथ संवाद बनाए हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लेंगे।

विपक्ष पर साधा निशाना अपने संबोधन के दौरान संजय निषाद ने पुरानी सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने उनके समुदाय को शिक्षा से वंचित रखा, जबकि बसपा और कांग्रेस ने भी निषाद समाज की अनदेखी की। निषाद ने दावा किया कि 2019 से उनकी पार्टी बीजेपी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा रही है और अब समय आ गया है कि बीजेपी भी अपने सहयोगियों के हितों को प्राथमिकता दे।

ओबीसी आरक्षण में बदलाव की मांग निषाद ने एक नया प्रस्ताव भी पेश किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि ओबीसी वर्ग के नौ प्रतिशत आरक्षण को पुनर्गठित किया जाए और उसे अनुसूचित जातियों (SC) के दायरे में शामिल किया जाए। उनका तर्क है कि इससे उनके समुदाय को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। फिलहाल, संजय निषाद के ये बयान यूपी की राजनीति में सहयोगी दलों के बीच पावर बैलेंस की नई बहस छेड़ रहे हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

LPG सिलेंडर में गैस कम होने की अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान, जानें क्या है पूरी सच्चाई

Story 1

हिमाचल का खौफनाक वीडियो: जंगल में पेड़ की जड़ों की तरह लिपटे मिले 15-15 फुट के दो विशाल अजगर

Story 1

बेंगलुरु की सड़क पर मौत का स्टंट : चलती बाइक पर बीयर पीते दिखे युवक, वीडियो वायरल

Story 1

ताकत से ही आएगी शांति , होर्मुज पर ट्रंप की विनाशकारी डेडलाइन से पहले ईरान पर अमेरिका का मिसाइल अटैक

Story 1

IPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स का बड़ा दांव, ओपनिंग करते दिखेंगे केएल राहुल

Story 1

धुरंधर 2 पर चुप्पी साधने वाली दीपिका का ट्रोलर्स को करारा जवाब, रणवीर संग वायरल हुआ वीडियो

Story 1

मैदान पर उतरे माही तो आंसुओं में डूबी फैन, क्या ये है एमएस धोनी का आखिरी IPL?

Story 1

PSL पर मंडराया सुरक्षा का साया: विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान न आने की चेतावनी

Story 1

धुरंधर 2 का ट्विस्ट और नबील गाबोल की यू-टर्न पॉलिटिक्स: अब मुंह छुपाते फिर रहे हैं पाकिस्तानी नेता!

Story 1

धुरंधर 2 की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद लंच डेट पर निकले रणवीर-दीपिका, स्टाफ के साथ खिंचवाई फोटो