हिंद महासागर तक पहुंची ईरान-अमेरिका की जंग: 4000 किमी दूर डिएगो गार्सिया बेस पर दागीं मिसाइलें
News Image

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब मध्य-पूर्व की सीमाओं को लांघकर सीधे भारत के करीब हिंद महासागर तक पहुंच गया है। ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के रणनीतिक ठिकाने डिएगो गार्सिया को निशाना बनाकर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

हमला क्यों है चिंताजनक? ईरान ने सार्वजनिक रूप से अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता 2,000 किमी बताई थी, लेकिन इस हमले से यह स्पष्ट हो गया है कि उसकी वास्तविक क्षमता इससे कहीं अधिक है। डिएगो गार्सिया अमेरिकी बमवर्षक विमानों और पनडुब्बियों का एक प्रमुख केंद्र है। हालांकि, ईरान की दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं—एक में तकनीकी खराबी आई, जबकि दूसरी को संभवतः अमेरिकी SM-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। यह घटना साबित करती है कि ईरान अब दूरस्थ सैन्य ठिकानों को भेदने की मंशा रखता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा तनाव इस युद्ध की आंच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक पहुंच गई है। यहां भारत समेत कई देशों के जहाज फंसे हुए हैं। ईरान ने अब इस रास्ते से सुरक्षित निकासी के लिए शर्तें रख दी हैं। जापानी जहाजों को छूट देने के बदले तेहरान ने टोक्यो से समन्वय की मांग की है। भारत भी अपने 22 जहाजों (जिनमें 6 एलपीजी कैरियर शामिल हैं) की सुरक्षित निकासी के लिए ईरानी सरकार के साथ लगातार संपर्क में है।

ट्रंप का रुख: सीजफायर से इनकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष के बीच किसी भी तरह के सीजफायर (युद्धविराम) की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप का मानना है कि जब एक पक्ष बढ़त बना रहा हो, तब बातचीत का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मसला खुद ही सुलझ जाएगा, लेकिन इसके लिए चीन और जापान जैसे देशों को मिलकर मोर्चा संभालने की जरूरत है।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज? यह मार्ग दुनिया का सबसे संवेदनशील चोक-पॉइंट है, जहां से वैश्विक तेल का करीब 20% हिस्सा गुजरता है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला यह संकरा रास्ता दुनिया की अर्थव्यवस्था की धड़कन है। यहां पैदा हुआ कोई भी छोटा तनाव सीधे तौर पर वैश्विक तेल कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने की क्षमता रखता है। अब जब यह जंग सीधे हिंद महासागर में पहुंच गई है, तो भारत समेत पूरी दुनिया की नजरें इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर टिकी हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

क्या अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए भारत से मांगी मदद? विदेश मंत्रालय ने जारी किया सच

Story 1

धुरंधर 2 के लिए पानी के अंदर रणवीर सिंह का अदम्य साहस , BTS वीडियो देख फैंस भी हुए हैरान

Story 1

ईद के दिन यरुशलम पर मिसाइल हमला, अल-अक्सा मस्जिद के पास मचा कोहराम

Story 1

आरसीबी कैंप में भूवी का कहर: प्रैक्टिस सेशन में सटीक यॉर्कर से विराट कोहली को किया पस्त

Story 1

मथुरा: फरसा वाले बाबा की हत्या के बाद हाइवे पर तांडव, पुलिस पर पथराव और सीएम योगी की सख्ती

Story 1

जयपुर में ईद की अनोखी तस्वीर: नमाजियों पर फूलों की बारिश कर पेश की भाईचारे की मिसाल

Story 1

क्या अमेरिका करेगा भारत से ईरान पर हमला? विदेश मंत्रालय ने वायरल दावे का खोला सच

Story 1

वायरल वीडियो: हिप्पो के सामने ढाल बनकर खड़ा हुआ गार्ड, जान पर खेलकर बचाई विजिटर्स की जान

Story 1

ड्राइवर बने सीएम हेमंत: रांची की सड़कों पर खुद कार चलाकर सरना स्थल पहुंचे सोरेन, प्रकृति को बताया जीवन का आधार

Story 1

ईरान पर हमले के लिए भारत का बेस मांगेगा अमेरिका? विदेश मंत्रालय ने खोली दावों की पोल