मार्च के महीने में जब हम चिलचिलाती धूप और गर्मी के लिए खुद को तैयार कर रहे थे, तभी अचानक मौसम ने ऐसी करवट ली कि दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में काले बादल छा गए। झमाझम बारिश और ओलों ने लोगों को हैरान कर दिया। लेकिन इस बारिश के साथ सोशल मीडिया पर अफवाहों का एक ऐसा तूफान खड़ा हो गया, जिसने वैज्ञानिक तथ्यों को भी पीछे छोड़ दिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो और संदेशों की बाढ़ आ गई है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि यह बारिश प्राकृतिक नहीं है। कुछ इन्फ्लुएंसर्स इसे मौत की बारिश बताते हुए माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि बिल गेट्स भारत के मौसम के साथ कोई गुप्त केमिकल स्प्रे प्रयोग कर रहे हैं, जिससे बचने के लिए बच्चों को घर में रखने की सलाह दी जा रही है।
इस भ्रम की जड़ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का SCoPEx रिसर्च प्रोजेक्ट है, जिसे बिल गेट्स ने फंडिंग दी थी। यह प्रोजेक्ट सोलर जियोइंजीनियरिंग से जुड़ा था, जिसका लक्ष्य वायुमंडल में कण छोड़कर सूर्य की रोशनी को परावर्तित करना था। हकीकत यह है कि यह प्रयोग भारत में कभी हुआ ही नहीं और विवादों के कारण इसे साल 2024 में ही रद्द कर दिया गया था। लोग पुरानी और आधी-अधूरी जानकारी को वर्तमान मौसम से जोड़कर भ्रम फैला रहे हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह बारिश पूरी तरह से प्राकृतिक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का परिणाम है। इस बार मौसमी तंत्र में एक दुर्लभ स्थिति बनी, जिसमें लगभग 1,000 किलोमीटर लंबी लो प्रेशर ट्रफ (कम दबाव वाली रेखा) का निर्माण हुआ। इसी कारण हवाओं की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई और तापमान में 10 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
सोशल मीडिया पर ओलों के जल्दी न पिघलने को लोग प्लास्टिक या केमिकल होने का सबूत बता रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यह एक सामान्य प्रक्रिया है। जब ओलों की मोटी परत एक साथ जमा हो जाती है और बादल छाए रहने के कारण वायुमंडल का तापमान कम रहता है, तो वे काफी समय तक नहीं पिघलते।
कृत्रिम बारिश (क्लाउड सीडिंग) केवल बहुत छोटे स्तर पर और सीमित प्रभाव के साथ काम कर सकती है। मानसून जैसे बड़े मौसमी चक्रों को नियंत्रित करना वर्तमान विज्ञान के लिए नामुमकिन है। यह साबित हो चुका है कि दिल्ली और उत्तर भारत में हुई बारिश कोई बिल गेट्स का प्रयोग नहीं, बल्कि कुदरत की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। ऐसे में आधारहीन दावों पर भरोसा करने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
“It’s not normal rain, it’s death rain.”
— Oppressor (@TyrantOppressor) March 20, 2026
A man in a video claims the ongoing rainfall is artificial and the result of cloud manipulation by Bill Gates.
He says people should not step out or get drenched, warning it could harm them.
He also urges parents to keep children away… pic.twitter.com/mXMCWsUdus
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