प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने निवेशकों के साथ हुए बड़े पैमाने पर वित्तीय फर्जीवाड़े के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पंजाब और दिल्ली में स्थित 126 अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 5046.91 करोड़ रुपये आंकी गई है।
क्या है मामला? यह कार्रवाई पीएसीएल (PACL Limited) और उससे जुड़ी संस्थाओं द्वारा संचालित एक विवादित सामूहिक निवेश योजना (Collective Investment Scheme) से जुड़ी है। ED ने स्पष्ट किया है कि ये संपत्तियां निवेशकों के धन से खरीदी गई थीं, इसलिए इन्हें अपराध की आय (Proceeds of Crime) माना गया है।
कुल कितनी जब्ती? इस ताजा कार्रवाई के साथ, पीएसीएल मामले में अब तक ED द्वारा जब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा लगभग 22,656.91 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA, 2002) के तहत की जा रही है।
48,000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कृषि भूमि के विकास और बिक्री के नाम पर लाखों निवेशकों को लुभाया था। निवेशकों को भ्रामक दस्तावेजों जैसे पावर ऑफ अटॉर्नी और समझौतों के जाल में फंसाकर उनसे 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई। अधिकांश मामलों में न तो जमीन दी गई और न ही निवेशकों का पैसा लौटाया गया।
सुप्रीम कोर्ट का दखल और लोधा समिति इस पूरे मामले की शुरुआत 2014 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर से हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया और न्यायमूर्ति आरएम लोधा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। इस समिति का मुख्य काम पीएसीएल की संपत्तियों को बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाना है।
सिस्टमैटिक लूट का खुलासा ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि पीएसीएल की संपत्तियों को अवैध तरीके से बेचने, अतिक्रमण करने और हेरफेर करने का सिलसिला लगातार जारी था। छापेमारी के दौरान एजेंसी को खाली सेल डीड और हस्ताक्षरित चेक बुक मिली हैं, जो इस बात की पुष्टि करती हैं कि अपराध की कमाई को ठिकाने लगाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची गई थी।
आगे की कानूनी कार्यवाही मामले में अब तक कुल 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। ED ने 2016 में अपनी रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की थी और तब से अब तक चार पूरक अभियोजन शिकायतें कोर्ट में पेश की जा चुकी हैं। विशेष पीएमएलए अदालत ने इन सभी शिकायतों का संज्ञान लिया है, जिससे आने वाले समय में दोषियों की मुश्किलें और बढ़ना तय है।
ED, Delhi Zonal Office has provisionally attached 126 immovable properties valued at Rs. 5046.91 Crore located at Punjab and Delhi under PMLA, 2002 in connection with its ongoing investigation into a large-scale financial fraud involving a collective investment scheme operated by… pic.twitter.com/biTe9lBiSl
— ED (@dir_ed) March 20, 2026
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