गंगा में इफ्तार का विवाद : ओवैसी का तीखा प्रहार, बोले- सिर्फ मुसलमान होना ही जुर्म है
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वाराणसी में नाव पर इफ्तार का मामला वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करना 14 मुस्लिम युवकों को भारी पड़ गया। रमजान के दौरान नाव पर बिरयानी खाने और कथित तौर पर उसके अवशेष नदी में फेंकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद मचे बवाल के बीच स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

हिंदू संगठनों का कड़ा विरोध वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों और भाजपा युवा मोर्चा ने इसे अपनी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य करार दिया। महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोप लगाया गया कि गंगा की पवित्रता को भंग किया गया है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान की।

पुलिस की सख्त कार्रवाई पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं (298, 299, 196(1)बी, 270, 279) और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम की धारा 24 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने और नदी को प्रदूषित करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

ओवैसी ने उठाए सवाल AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस गिरफ्तारी पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल किया कि नाव पर खाना खाने से किसी की धार्मिक भावनाएं कैसे आहत हो सकती हैं? ओवैसी ने कटाक्ष करते हुए कहा, क्या गंगा में सीवर का पानी नहीं गिरता? क्या तब भावनाएं आहत नहीं होतीं?

यह भेदभाव का नग्न प्रदर्शन ओवैसी ने इस पूरी कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि इन युवकों का एकमात्र गुनाह यह है कि वे मुसलमान हैं। उन्होंने रमजान के दौरान शराब की दुकानें खुले होने का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या इससे उनकी भावनाएं आहत नहीं होतीं? ओवैसी के अनुसार, अगर यही काम किसी गैर-मुस्लिम ने किया होता, तो शायद पुलिस का रुख इतना सख्त नहीं होता।

सियासी तूल पकड़ता मुद्दा यह मामला अब धार्मिक पवित्रता बनाम व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बहस में बदल चुका है। जहां एक ओर गंगा की स्वच्छता और धार्मिक आस्था का पक्ष रखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ओवैसी जैसे नेता इसे चुनिंदा कार्रवाई करार दे रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सार्वजनिक नदी में भोजन करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है? इस विवाद ने शहर में एक नई सियासी खाई पैदा कर दी है।

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