मैं जिंदा हूं : नेतन्याहू का सीधा संदेश, ईरान की परमाणु ताकत को बताया ध्वस्त
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इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी मौत को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, मैं पहले भी कह चुका हूं और फिर दोहराता हूं—मैं जिंदा हूं।

इन अफवाहों का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने अपना ध्यान ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान पर केंद्रित किया। नेतन्याहू ने साफ कहा कि इजराइल इस युद्ध में निर्णायक बढ़त बना चुका है।

ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम तबाह

नेतन्याहू ने दावा किया कि बीते 20 दिनों की सैन्य कार्रवाई में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, ईरान अब यूरेनियम संवर्धन करने या बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण करने की स्थिति में नहीं है। हमने उनके मिसाइल और ड्रोन शस्त्रागार को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है।

पीएम के अनुसार, इजराइल का स्पष्ट लक्ष्य ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म करना है, इससे पहले कि उन्हें जमीन के गहरे ठिकानों में सुरक्षित कर लिया जाए।

अमेरिका के साथ मजबूत तालमेल

ट्रंप प्रशासन के साथ संबंधों पर उठ रहे सवालों के बीच नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा अमेरिका के हितों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा, क्या कोई सोच सकता है कि कोई ट्रंप को बता सकता है कि उन्हें क्या करना है? नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति वही निर्णय लेते हैं जो देश के हित में हो।

उन्होंने इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे तालमेल की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों देश बिजली की गति से अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर रहे हैं।

बदलेगा ईरान का शासन?

ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान के भविष्य पर नेतन्याहू ने कहा कि किसी एक अयातुल्ला को दूसरे से बदलना समाधान नहीं है। उन्होंने सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं पर कहा कि यह ईरानी जनता को तय करना है।

हालांकि, उन्होंने जमीनी सैन्य अभियान के संकेत दिए। नेतन्याहू ने कहा, हमारे पास जमीनी अभियान के कई विकल्प तैयार हैं, लेकिन मैं अभी अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करना चाहता।

हम दुनिया की रक्षा कर रहे हैं

प्रधानमंत्री ने दृढ़ता के साथ कहा कि इजराइल की जीत का असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इजराइल और अमेरिका मिलकर पूरी दुनिया को एक बड़े खतरे से सुरक्षित कर रहे हैं। नेतन्याहू ने संकल्प लिया कि ईरान के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि वहां से उत्पन्न होने वाला खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।

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