सोशल मीडिया पर सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने अनुशासनहीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। वीडियो में एक सरकारी अधिकारी अपनी डेस्क पर बैठकर अपने निजी काम में व्यस्त नजर आ रहा है।
वीडियो कॉल का आनंद और लंबी कतारें फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि अधिकारी महोदय अपनी कुर्सी पर आराम से बैठे हैं और मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल का आनंद ले रहे हैं। वे स्क्रीन को देखकर मुस्कुरा रहे हैं, मानो उन्हें अपने आसपास के माहौल से कोई फर्क न पड़ता हो।
कैमरे का रुख जब दफ्तर की ओर मुड़ता है, तो सामने का नजारा हैरान करने वाला है। वहां काम के सिलसिले में आए लोगों की लंबी लाइन लगी है। लोग अपनी बारी का घंटों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी जनता की समस्याओं को दरकिनार कर अपनी कॉल पूरी करने में मशगूल हैं।
बेशर्मी की पराकाष्ठा इस वीडियो को शेयर करने वालों ने इसे सरकारी तंत्र की बेशर्मी का चरम बताया है। सोशल मीडिया पर चर्चा है कि यदि कोई आम नागरिक इस लापरवाही पर सवाल उठाए, तो उसे सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में धमकाया या गिरफ्तार तक किया जा सकता है। यह दिखाता है कि कैसे कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
वायरल वीडियो पर बढ़ा आक्रोश वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है। यूजर्स का कहना है कि टैक्सपेयर के पैसों से वेतन लेने वाले कर्मचारियों का जनता के प्रति यह रवैया पूरी तरह अस्वीकार्य है। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे अधिकारियों की पहचान कर उन पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।
सच्चाई का आईना: हकीकत क्या है? हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद इसकी सत्यता को लेकर भी बहस छिड़ी है। कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे हालिया मामला बताया गया, लेकिन जांच में यह सामने आया है कि यह वीडियो पुराना है। फैक्ट चेक के अनुसार, यह वीडियो सितंबर 2018 का है और इसका संबंध एआरटीओ (ARTO) नोएडा से बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के दोबारा वायरल होने से पुरानी लापरवाही फिर से चर्चा का विषय बन गई है।
*Shamelessness Redefined 😡📱
— The Nalanda Index (@Nalanda_index) March 18, 2026
What could be more audacious than standing in a public queue while casually video-calling? This is freedom taken to the extreme. And if anyone objects, they can be accused of obstructing government official work and even arrested. True respect for… pic.twitter.com/msQJGD8aVh
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