चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
लोकतंत्र का उत्सव और बंगाल का सस्पेंस गुलाम अहमद मीर ने कहा कि भारत दुनिया में अपने लोकतंत्र के लिए जाना जाता है और चुनाव हमारे लिए किसी उत्सव से कम नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है। मीर के अनुसार, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव एक चरण में हो रहे हैं, लेकिन बंगाल में स्थिति अलग है।
सुप्रीम कोर्ट के दखल की मजबूरी कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की स्थानीय मशीनरी ने निष्पक्षता से काम नहीं किया। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक अधिकारी नियुक्त करने पड़े। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में अभी भी 58 लाख वोटर्स का भविष्य अधर में है, जो एक बड़ा सस्पेंस बना हुआ है।
वोटर लिस्ट में नाम न होने से बढ़ी चिंता मीर ने कहा कि चुनाव की घोषणा तक राज्य के वोटर्स का स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया। उन्होंने चिंता जताई कि कई संभावित उम्मीदवार, यहां तक कि मौजूदा विधायक और मंत्री भी ऐसे हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट में अब तक क्लियर नहीं हुए हैं।
एक भी वैध मतदाता न छूटे कांग्रेस की मांग है कि चुनाव आयोग को प्राथमिकता के आधार पर उन सभी लोगों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना चाहिए जो वैध हैं। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग को एक डेडलाइन देनी चाहिए थी ताकि जो लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं, उनके आवेदन प्राथमिकता पर निपटाए जा सकें। यह सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है कि एक भी वैध मतदाता मतदान से वंचित न रहे।
धरातल पर निष्पक्षता की परीक्षा अंत में गुलाम अहमद मीर ने चुनाव आयोग के भरोसे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग के दावे सुनने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन असली परीक्षा मतदान के दिन होगी। क्या ये नियम धरातल पर लागू होंगे और क्या मतदाताओं को वास्तव में सुविधाएं मिलेंगी? यह एक बड़ा और अहम सवाल है जो आने वाले दिनों में और भी गहरा सकता है।
*#WATCH | अनंतनाग: कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने चुनावी तारीखों की घोषणा पर कहा, हिंदुस्तान पूरी दुनिया में यहां के लोकतंत्र, चुनाव के लिए मशहूर है... हमेशा यहां का चुनाव एक उत्सव की तरह मनाया जाता है, उसी कड़ी में 5 राज्यों में चुनाव होने हैं। असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी… https://t.co/JzAIYBLU7t pic.twitter.com/Vf24ee3FRJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 15, 2026
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